जिला चिकित्सालय कटनी में मानवता और पद की गरिमा को ताक पर रखने वाले दो कर्मचारियों पर गाज गिरी है।
कटनी (मध्य प्रदेश)
सोशल मीडिया पर एक वीडियो वायरल हुआ था, जिसमें एंबुलेंस कर्मचारी एक महिला से वाहन की सफाई करवाते नजर आ रहे थे। इस मामले में कलेक्टर की कड़ी नाराजगी के बाद संबंधित कंपनी ने पायलट और ईएमटी की सेवाएं तत्काल प्रभाव से समाप्त कर दी हैं।
वायरल वीडियो ने खोली थी व्यवस्था की पोल
बीते दिनों जिला चिकित्सालय परिसर का एक वीडियो तेजी से वायरल हुआ था। वीडियो में स्पष्ट दिख रहा था कि एंबुलेंस के जिम्मेदार कर्मचारी स्वयं कार्य करने के बजाय एक महिला से एंबुलेंस धुलवा रहे थे। इस वीडियो के सामने आते ही स्वास्थ्य विभाग और जिला प्रशासन की कार्यप्रणाली पर सवाल उठने लगे थे।
कलेक्टर के निर्देश पर त्वरित एक्शन:
कड़ी नाराजगी: कटनी कलेक्टर श्री आशीष तिवारी ने मामले को बेहद गंभीरता से लिया और मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी (CMHO) को दोषियों के विरुद्ध सख्त कार्रवाई के निर्देश दिए।
जांच में पुष्टि: CMHO डॉ. राज सिंह ठाकुर ने संबंधित कंपनी ‘जेएईएस प्रोजेक्ट प्रा. लिमिटेड’ के संचालकों से जवाब-तलब किया। वीडियो के तथ्यों की जांच में आरोप सही पाए गए।
सेवाएं समाप्त: जांच रिपोर्ट के आधार पर कंपनी ने दोषी पायलट देवा साहू और ईएमटी (EMT) मोहित खटीक को तत्काल प्रभाव से नौकरी से टर्मिनेट (बर्खास्त) कर दिया है।
अधिकारियों की दोटूक: लापरवाही बर्दाश्त नहीं
स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों ने साफ कर दिया है कि अस्पताल परिसर या एंबुलेंस सेवाओं में किसी भी प्रकार की अनुशासनहीनता या अमानवीय व्यवहार को स्वीकार नहीं किया जाएगा।
“वायरल वीडियो की पुष्टि होने के बाद दोषियों पर कार्रवाई की गई है। व्यवस्थाओं में पारदर्शिता और संवेदनशीलता सुनिश्चित करना हमारी प्राथमिकता है।”
डॉ. राज सिंह ठाकुर, CMHO, कटनी




