स्थानीय कृषि आदान विक्रेता संघ, मझौली के सदस्यों ने आज तहसील कार्यालय पहुंचकर तहसीलदार को एक ज्ञापन सौंपा।
मझौली (जबलपुर)
इस ज्ञापन के माध्यम से विक्रेताओं ने व्यवसाय के दौरान आ रही विभिन्न व्यावहारिक समस्याओं और प्रशासनिक जटिलताओं के निराकरण की मांग की है।
विक्रेताओं का कहना है कि वे किसानों को उन्नत बीज, खाद और कीटनाशक उपलब्ध कराकर कृषि क्षेत्र में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहे हैं, लेकिन कई बार नियमों की स्पष्टता न होने के कारण उन्हें अनावश्यक परेशानियों का सामना करना पड़ता है। ज्ञापन में मुख्य रूप से निम्नलिखित बिंदुओं पर ध्यान आकर्षित किया गया है:
लाइसेंस प्रक्रिया का सरलीकरण:पुराने लाइसेंस के नवीनीकरण और नए पंजीकरण की प्रक्रिया को और अधिक पारदर्शी और सुगम बनाया जाए।
प्रशासनिक जांच में समन्वय: खाद-बीज के सैंपलिंग और निरीक्षण के दौरान पारदर्शिता बरती जाए ताकि विक्रेताओं का उत्पीड़न न हो।
अवैध भंडारण पर रोक: क्षेत्र में खाद और बीज के अवैध व्यापार और बिना लाइसेंस के बिक्री करने वालों पर सख्त कार्रवाई की मांग की गई।
उर्वरक आपूर्ति: पीक सीजन के दौरान खाद (यूरिया और डीएपी) की पर्याप्त और समयबद्ध उपलब्धता सुनिश्चित करने की मांग।
ज्ञापन प्राप्त करने के बाद तहसीलदार मझौली ने विक्रेताओं की समस्याओं को गंभीरता से सुना। उन्होंने आश्वासन दिया कि नियमों के दायरे में रहकर उनकी जायज मांगों पर विचार किया जाएगा और संबंधित विभाग (कृषि विभाग) के साथ समन्वय स्थापित कर समस्याओं का समाधान निकाला जाएगा।
ज्ञापन सौंपने के दौरान मझौली क्षेत्र के बड़ी संख्या में बीज और उर्वरक विक्रेता उपस्थित रहे। संघ के पदाधिकारियों ने कहा कि यदि उनकी मांगों पर उचित कार्रवाई नहीं होती है, तो वे आगामी रणनीति पर विचार करेंगे।
कार्यक्रम के दौरान ब्लॉग अध्यक्ष सुशील परौहा, महेन्द्र भट्ट, सतेन्द्र सिंह राजपूत, अरुण मिश्रा, सुनील राजपूत, विनोद असाटी, विपिन भट्ट सहित मझौली क्षेत्र के दर्जनों प्रतिष्ठित व्यापारी और संगठन के सदस्य उपस्थित रहे।




