मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के नरयावली दौरे के दौरान आज भारी सियासी ड्रामा देखने को मिला।
नरयावली/सागर
किसानों की समस्याओं और बढ़ती कानून व्यवस्था की बदहाली को लेकर कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने पूर्व मंत्री सुरेंद्र चौधरी के नेतृत्व में ज़ोरदार विरोध प्रदर्शन किया। प्रशासन और कांग्रेसियों के बीच हुई तीखी नोकझोंक से इलाके में तनावपूर्ण स्थिति बनी रही।
कांग्रेस कार्यकर्ता किसानों और आम जनता की आवाज़ मुख्यमंत्री तक पहुँचाना चाहते थे, लेकिन प्रशासन द्वारा मुलाकात का समय न दिए जाने से आक्रोश भड़क उठा। नई गल्ला मंडी के पास पुलिस ने भारी बैरीकेडिंग कर कार्यकर्ताओं को रोक दिया, जिसके बाद कांग्रेसियों ने वहीं सड़क पर मोर्चा खोल दिया।
प्रदर्शन का नेतृत्व कर रहे पूर्व मंत्री श्री सुरेंद्र चौधरी ने सरकार पर तीखा प्रहार करते हुए कहा कि, “आज किसान अपनी उपज के वाजिब दाम के लिए भटक रहा है। पंजीयन में गड़बड़ी और बारदाना की कमी ने खरीदी व्यवस्था को चौपट कर दिया है।” उन्होंने जिले में बढ़ती अवैध शराब, जुआ-सट्टा और बिगड़ती कानून व्यवस्था को लेकर भी सरकार को कटघरे में खड़ा किया
इस प्रदर्शन में कांग्रेस के वरिष्ठ नेता राकेश राय जिला ग्रामीण संगठन महामंत्री आशीष ज्योतिषी, ब्लॉक अध्यक्ष शिवपाल यादव (नरयावली) पुष्पेंद्र सिंह ठाकुर (सागर ग्रामीण) रवि उमाहिया (सदर कैंट) संभागीय प्रवक्ता अभिषेक गौर और युवा कांग्रेस अध्यक्ष संदीप चौधरी सहित सैकड़ों कार्यकर्ता शामिल हुए।
मंच से चेतावनी दी गई कि यदि किसानों और आम जनता की समस्याओं का समाधान जल्द नहीं हुआ, तो आने वाले दिनों में आंदोलन और अधिक उग्र होगा।
ग्राउंड रिपोर्ट बताती है कि एक तरफ जहाँ सरकार विकास के दावे कर रही है, वहीं दूसरी तरफ ज़मीनी स्तर पर किसानों का आक्रोश और प्रशासनिक घेराबंदी लोकतंत्र में संवाद की कमी को दर्शाती है।
मनोहर पाराशर, जतिन चौकसे, पूर्व सरपंच शरद राजा सेन, पूर्व सरपंच पुरुषोत्तम शिल्पी, ऋषभ जैन, रोहित वर्मा, रोहित कुर्मी, कोमल सिंह, राजा बुंदेला, सूर्यकांत शुक्ला सहित अन्य जांबाज कार्यकर्ता।




