सुंदरलाल पटवा संस्थान में “शहरी सुधार कार्यशाला” का शुभारंभ; अधिकारियों को ‘विद्यार्थी भाव’ से सेवा करने का मूलमंत्र

नगरीय निकाय बनें ‘विकास के केंद्र’ और ‘आत्मनिर्भर’: मंत्री कैलाश विजयवर्गीय

भोपाल:

मध्यप्रदेश के नगरीय विकास एवं आवास मंत्री श्री कैलाश विजयवर्गीय ने स्पष्ट किया है कि भविष्य शहरीकरण का है, और ऐसे में नगरीय निकायों को केवल बुनियादी ढाँचे तक सीमित न रहकर खुद को स्वावलंबी बनाना होगा। उन्होंने अधिकारियों से आह्वान किया कि वे शहरों को विकास केंद्र’ (Growth Centers) के रूप में स्थापित करें।

भोपाल स्थित सुंदरलाल पटवा राष्ट्रीय नगर प्रबंधन संस्थान में आयोजित दो दिवसीय “शहरी सुधार कार्यशाला” का शुभारंभ करते हुए मंत्री श्री विजयवर्गीय ने दीप प्रज्ज्वलित किया और प्रदेशभर से आए अधिकारियों को संबोधित किया।

विद्यार्थी भाव और व्यवहार: मंत्री जी ने कहा कि सीखने की प्रक्रिया कभी खत्म नहीं होनी चाहिए। अधिकारी यदि ‘विद्यार्थी भाव’ से काम करेंगे, तो प्रशासन में बेहतरी आएगी। उन्होंने जोर दिया कि प्रशासन केवल नियमों से नहीं, बल्कि जनता के साथ उचित व्यवहार और संवेदनशीलता से चलता है।

आत्मनिर्भरता पर जोर:प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी के विजन को साझा करते हुए उन्होंने कहा कि निकायों को अपनी वित्तीय स्थिति मजबूत कर आत्मनिर्भर’ बनना होगा।

रोजगार और राजस्व: अधिकारियों को अब केवल सड़क और पानी तक सीमित नहीं रहना है। उन्हें शहर में रोजगार सृजन और राजस्व वृद्धि के लिए नवाचार करने होंगे।

भूमि मुद्रीकरण (Land Monetization): राजस्व बढ़ाने के लिए नगरीय भूमि के कुशल प्रबंधन और भूमि मुद्रीकरण पर विशेष ध्यान देने के निर्देश दिए गए।

यदि आप पारदर्शिता और जन-भागीदारी के साथ गुणवत्तापूर्ण सेवाएँ देंगे, तो जनता कर वृद्धि जैसे कठिन निर्णयों में भी प्रशासन का सहयोग करेगी।”

श्री कैलाश विजयवर्गीय, मंत्री, नगरीय विकास एवं आवास

*प्रशासनिक अधिकारियों का दृष्टिकोण अपर मुख्य सचिव श्री संजय दुबे ने कार्यशाला की रूपरेखा प्रस्तुत करते हुए कहा कि संस्थान में पहली बार इस तरह का व्यापक प्रशिक्षण आयोजित किया जा रहा है। इसका उद्देश्य आगामी वर्ष के लिए एक ठोस कार्ययोजना तैयार करना है। उन्होंने अर्बन चैलेंज फंड और द्वारका योजना जैसी महत्वाकांक्षी योजनाओं के जरिए शहरों के कायाकल्प की बात कही।

आयुक्त नगरीय प्रशासन श्री संकेत भोंडवे ने बताया कि इस कार्यशाला में प्रदेश के सभी 16 नगर निगमों के आयुक्त और मुख्य नगरपालिका अधिकारी शामिल हैं। विभाग एक परिवार की तरह सामूहिक भावना के साथ ‘नागरिक संतुष्टि’ को केंद्र में रखकर कार्य कर रहा है।

यह दो दिवसीय कार्यशाला नगरीय निकायों की कार्यप्रणाली में सुधार, समीक्षा और संवाद पर केंद्रित है। इसमें मुख्य रूप से:

1. नियोजित शहरी विकास।

2. नागरिक जागरूकता और जन-सहभागिता।

3. आधुनिक जन-सुविधाओं का विस्तार।

4. नवनियुक्त अधिकारियों का मार्गदर्शन।

इस कार्यशाला के माध्यम से मध्यप्रदेश के शहरों को आधुनिक, जन-सुविधा युक्त और आर्थिक रूप से सशक्त बनाने का रोडमैप तैयार किया जा रहा है।

सुंदरलाल बर्मनhttps://majholidarpan.com/
Sundar Lal barman (41 years) is the editor of MajholiDarpan.com. He has approximately 10 years of experience in the publishing and newspaper business and has been a part of the organization for the same number of years. He is responsible for our long-term vision and monitoring our Company’s performance and devising the overall business plans. Under his Dynamic leadership with a clear future vision, the company has progressed to become one of Hindi e-newspaper , with Jabalpur district.

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