प्रशासनिक कसावट और शासकीय योजनाओं के जमीनी क्रियान्वयन को परखने के लिए आज कलेक्टर श्री राघवेन्द्र सिंह एवं जिला पंचायत सीईओ श्री अभिषेक गहलोत ने मझौली क्षेत्र का औचक निरीक्षण किया।
मझौली/जबलपुर
भ्रमण के दौरान मिली अव्यवस्थाओं और लापरवाही पर कलेक्टर ने सख्त रुख अपनाते हुए कई कर्मचारियों पर दंडात्मक कार्रवाई के आदेश दिए हैं।
आंगनवाड़ी में डेटा अधूरा, कटेगा वेतन
अधिकारियों ने सबसे पहले चनगवां आरोग्य मंदिर का भ्रमण किया, जहाँ उन्होंने चिकित्सकों से एचपीवी वैक्सीनेशन (HPV Vaccination) की प्रगति पर चर्चा की और अभियान में तेजी लाने के निर्देश दिए। इसके पश्चात आंगनवाड़ी केंद्र के निरीक्षण के दौरान कलेक्टर ने बच्चों के पोषण, वजन और स्वास्थ्य रिकॉर्ड की जाँच की। ‘संपर्क पोर्टल’ पर बच्चों का डेटा अपडेट न मिलने पर कलेक्टर ने कड़ी नाराजगी जताई और संबंधित कार्यकर्ताओं एवं सुपरवाइजर का एक सप्ताह का वेतन काटने का प्रस्ताव भेजने के निर्देश दिए।
स्कूल से बच्चे नदारद, शिक्षकों पर गिरी गाज
निरीक्षण के दौरान सबसे गंभीर स्थिति नंदग्राम माध्यमिक शाला में देखने को मिली, जहाँ विद्यालय में एक भी छात्र उपस्थित नहीं पाया गया। शिक्षकों द्वारा संतोषजनक जवाब न मिलने पर कलेक्टर ने कड़ा फैसला लेते हुए:
उपस्थित दो शिक्षकों का एक-एक सप्ताह का वेतन काटने।
अनुपस्थित शिक्षक का 15 दिन का वेतन काटने के निर्देश दिए।
विकास कार्यों और जल संरक्षण का अवलोकन
प्रशासनिक दल ने चनगवां में एक बगिया माँ के नाम’ अभियान के तहत पौधरोपण देखा और गंगा जल संवर्धन योजना के अंतर्गत नवनिर्मित तालाबों का निरीक्षण किया। इसके उपरांत अधिकारियों ने पौड़ा पहुँचकर निर्माणाधीन तहसील भवन के कार्यों की गुणवत्ता जांची और ठेकेदार को समय-सीमा के भीतर काम पूरा करने की हिदायत दी।
इंद्राना यज्ञ की व्यवस्थाओं का जायजा
भ्रमण के अंत में ग्राम इंद्राना में आयोजित होने वाले आगामी यज्ञ की तैयारियों और व्यवस्थाओं की समीक्षा की गई। इस दौरान एसडीएम मझौली सहित राजस्व और जनपद पंचायत के तमाम अधिकारी मौजूद रहे।




