मध्यप्रदेश के जबलपुर स्वास्थ्य विभाग में राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन (NHM) की राशि के बंदरबांट का एक बड़ा मामला सामने आया है।
जबलपुर
इस कथित 1.75 करोड़ रुपये के गबन** को लेकर राजनीति गरमा गई है। सोमवार को समाजवादी पार्टी के प्रदेश सचिव आशीष मिश्रा के नेतृत्व में कार्यकर्ताओं ने मुख्यमंत्री के नाम ज्ञापन सौंपकर दोषी अधिकारियों पर तत्काल FIR दर्ज करने की मांग की है।
भ्रष्टाचार का ‘ब्लूप्रिंट’: कागजों पर सामान, जेब में पैसे
सपा नेता आशीष मिश्रा ने आरोप लगाया कि जबलपुर के पूर्व मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी (CMHO) डॉ. संजय मिश्रा और जिला कार्यक्रम प्रबंधक (DPM) आदित्य तिवारी ने पद का दुरुपयोग करते हुए शासन को करोड़ों का चूना लगाया है। ज्ञापन में मुख्य रूप से निम्नलिखित बिंदुओं पर प्रकाश डाला गया है:
15 दिन पुरानी फर्म को मेहरबानी: जांच में यह चौंकाने वाला तथ्य सामने आया है कि भोपाल की ‘सिंह एंटरप्राइजेज’ नामक जिस फर्म को करोड़ों का भुगतान किया गया, वह भुगतान से मात्र 15 दिन पहले ही अस्तित्व में आई थी।
गायब सामग्री, फर्जी एंट्री: स्टॉक रजिस्टर में सामग्री की प्राप्ति दर्ज कर ली गई, लेकिन जब भौतिक सत्यापन (Physical Verification) किया गया, तो स्टोर रूम खाली मिला। यानी सामान सिर्फ कागजों पर आया और भुगतान असलियत में हो गया।
नियमों की धज्जियां: NHM की राशि का भुगतान करने में वित्तीय नियमों को ताक पर रखकर चहेती फर्म को लाभ पहुँचाया गया।
मीडिया में मामला उजागर होने के 11 दिन बाद भी अब तक FIR दर्ज न होना प्रशासन की मंशा पर सवाल खड़े करता है। ऐसा प्रतीत होता है कि स्थानीय दोषियों को राज्य स्तर के बड़े अधिकारियों का संरक्षण प्राप्त है।”
आशीष मिश्रा, प्रदेश सचिव (सपा)
समाजवादी पार्टी ने साफ कर दिया है कि यदि इस मामले में जल्द ही आपराधिक प्रकरण दर्ज कर वसूली की कार्रवाई शुरू नहीं की गई, तो पार्टी सड़कों पर उतरकर उग्र आंदोलन करेगी। कार्यकर्ताओं का कहना है कि जनता के स्वास्थ्य के लिए आई राशि का इस तरह गबन करना अक्षम्य अपराध है
ज्ञापन सौंपने के दौरान प्रदेश उपाध्यक्ष दिनेश चंद्र यादव, प्रदेश सचिव आशीष मिश्रा के साथ एड. दीपांशु साहू, एड. शैलेंद्र सिंह, एड. सीता कुशवाहा, दीपेंद्र दुबे, राहुल अहिरवार, राम बालक पटेल, कमलेश पटेल, बेनी प्रसाद उड़िया, देवेन्द्र यादव, शुभम अहिरवार, राजेंद्र पटेल, अभिषेक शर्मा, अब्दुल कयूम सहित भारी संख्या में पदाधिकारी और कार्यकर्ता मौजूद रहे।
ब्यूरो रिपोर्ट, जबलपुर




