भ्रष्टाचार के खिलाफ जीरो टॉलरेंस की नीति को आगे बढ़ाते हुए आज लोकायुक्त की टीम ने नरसिंहपुर नगर पालिका में बड़ी कार्रवाई को अंजाम दिया है।
नरसिंहपुर
लोक निर्माण शाखा (PWD) में पदस्थ बाबू संजय तिवारी को टीम ने 25 हजार रुपए की रिश्वत लेते हुए रंगे हाथ दबोच लिया। यह कार्रवाई उस वक्त हुई जब बाबू टेंडर के कमीशन के रूप में रिश्वत की पहली किस्त वसूल रहे
भ्रष्टाचार की यह परतें साल 2025 में हुए पेवर ब्लॉक लगाने के एक टेंडर से जुड़ी हैं। आवेदक ठेकेदार ने अपना काम समय पर पूरा कर लिया था, लेकिन उसकी 50 हजार रुपए की बैंक गारंटी (FDR) वापस करने के एवज में बाबू संजय तिवारी लगातार अड़ंगे डाल रहा था। बाबू ने 15.5 प्रतिशत कमीशन के हिसाब से 52 हजार रुपए की मांग की थी।
हैरानी की बात यह है कि बिल का भुगतान ठेकेदार के खाते में हो चुका था, फिर भी बाबू अपनी ‘कमीशन’ के लिए दबाव बना रहा था। रिश्वत न देने पर उसने आवेदक को भविष्य में कोई भी टेंडर न मिलने देने और बैंक गारंटी की एफडीआर रोकने की सीधी धमकी दी थी।
लगातार प्रताड़ना से परेशान होकर आवेदक ने लोकायुक्त में शिकायत दर्ज कराई। सौदेबाजी के बाद मामला 38 हजार रुपए में तय हुआ। योजना के मुताबिक, आज जैसे ही आरोपी लिपिक ने नगर पालिका के कंप्यूटर कक्ष में रिश्वत की पहली किस्त के 25 हजार रुपए अपने हाथ में लिए, पहले से मुस्तैद लोकायुक्त की टीम ने उसे रंगे हाथ पकड़ लिया।
पकड़े जाने के बाद कार्यालय में हड़कंप मच गया। लोकायुक्त पुलिस ने आरोपी बाबू के हाथ धुलवाए, जो गुलाबी हो गए। आरोपी के खिलाफ भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम की विभिन्न धाराओं के तहत मामला दर्ज कर लिया गया है और आगे की वैधानिक कार्रवाई की जा रही है।




