आम जनता पर चालान की मार, लेकिन नियमों की धज्जियां उड़ाते निगम के 731 वाहनों पर प्रशासन मौन
जबलपुर:
संस्कारधानी की व्यवस्था संभालने वाला **जबलपुर नगर निगम (JMC) खुद अव्यवस्थाओं के जाल में फंसा नजर आ रहा है। एक ओर जहां आम नागरिकों के वाहनों पर हाई सिक्योरिटी नंबर प्लेट (HSRP) न होने या बीमा खत्म होने पर यातायात पुलिस तत्काल भारी-भरकम चालान काटती है, वहीं नगर निगम के सैकड़ों शासकीय वाहन खुलेआम इन नियमों की धज्जियां उड़ा रहे हैं।
वर्ष 2026 के लिए नगर निगम का प्रस्तावित बजट लगभग 2200 करोड़ रुपये है। इतनी भारी-भरकम राशि के बावजूद निगम की जमीनी हकीकत किसी आर्थिक रूप से कमजोर संस्था जैसी है। कांग्रेस सचेतक अयोध्या तिवारी* ने सत्ता पक्ष पर हमला बोलते हुए कहा कि— निगम 2200 करोड़ का बजट दिखाता है, लेकिन धरातल पर मात्र 700 करोड़ के काम दिखते हैं। शेष राशि कहां जा रही है, यह बड़ा सवाल है।”
दस्तावेजों के अनुसार, नगर निगम के पास कुल 731 शासकीय वाहन हैं। इनमें से सबसे अधिक (लगभग 300 से ज्यादा) वाहन स्वास्थ्य विभाग में कचरा ढोने और सफाई कार्यों में लगे हैं।
निरीक्षण में सामने आई चौंकाने वाली हकीकत:
HSRP गायब: अधिकांश वाहनों में हाई सिक्योरिटी नंबर प्लेट नहीं लगी है। कई गाड़ियां तो बिना नंबर के ही सड़कों पर दौड़ रही हैं।
बीमा का अता-पता नहीं: बड़ी संख्या में वाहनों का बीमा (Insurance) खत्म हो चुका है, जिससे दुर्घटना की स्थिति में क्लेम और जवाबदेही पर संकट है।
चालान से छूट क्यों?:आम जनता पूछ रही है कि क्या नियम सिर्फ उनके लिए हैं? सड़कों पर धुंआ छोड़ते और बिना मानकों के दौड़ते इन सरकारी वाहनों पर कार्रवाई कब होगी?
निगम की कार्यप्रणाली पर एक और बड़ा प्रश्नचिह्न इसके वर्कशॉप को लेकर लगा है। करोड़ों की मशीनरी और सैकड़ों वाहनों के रखरखाव के लिए वर्कशॉप में मात्र 10 शासकीय कर्मचारी बचे हैं। पूरा दारोमदार आउटसोर्स कर्मचारियों के कंधों पर है। जानकारों का कहना है कि इसी कारण वाहनों की फिटनेस और दस्तावेजी औपचारिकताएं पूरी नहीं हो पा रही हैं।
शहर में यह मुद्दा चर्चा का विषय बना हुआ है कि जब प्रशासन ‘स्वच्छ जबलपुर’ और ‘स्मार्ट सिटी’ का दावा करता है, तो उसके अपने वाहन इतने असुरक्षित और नियम विरुद्ध कैसे हो सकते हैं? क्या नगर निगम के अधिकारी और प्रशासन इस गंभीर लापरवाही पर संज्ञान लेंगे या आम जनता को ही नियमों का पाठ पढ़ाया जाता रहेगा?
ब्यूरो रिपोर्ट: मझौली दर्पण न्यूज़




