कोतमा में भीषण हादसा: 4 मंजिला अग्रवाल लॉज ढही, 2 की मौत, कई मलबे में दबे होने की आशंका

अवैध खुदाई बनी हादसे की वजह? SDRF सहित कई टीमें राहत-बचाव में जुटीं

कोतमा (अनूपपुर)

शनिवार शाम कोतमा बस स्टैंड के पास उस वक्त अफरा-तफरी मच गई, जब 4 मंजिला अग्रवाल लॉज की इमारत अचानक ताश के पत्तों की तरह भरभराकर ढह गई। इस भीषण हादसे में अब तक 2 लोगों की मौत की पुष्टि हो चुकी है, जबकि 7 से 10 लोगों के मलबे में दबे होने की आशंका** जताई जा रही है।

प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, शाम करीब 5:30 बजे अचानक तेज धमाके जैसी आवाज आई और देखते ही देखते पूरी इमारत जमींदोज हो गई। कुछ ही पलों में चारों ओर धूल का गुबार छा गया और लोग जान बचाकर इधर-उधर भागने लगे।

अब तक मलबे से 2 शव बरामद किए जा चुके हैं एक मृतक की पहचान 55 वर्षीय हनुमान दीन यादव के रूप में हुई 4 लोगों को सुरक्षित निकालकर अस्पताल भेजा गया कई अन्य लोगों के अभी भी मलबे में दबे होने की आशंका कोतमा और अनूपपुर के अस्पतालों को हाई अलर्ट पर रखा गया है।

हादसे के तुरंत बाद राहत-बचाव कार्य शुरू कर दिया गया। मौके पर—SDRF, पुलिस और प्रशासन की टीमें तैनात SECL (जमुना कोतमा), JMS और अडानी ग्रुप की रेस्क्यू टीमें आधुनिक मशीनों के साथ जुटीं रेस्क्यू ऑपरेशन लगातार जारी है और अगले 24 घंटे तक चलने की संभावना

घटना की गंभीरता को देखते हुए—राज्य मंत्री दिलीप जायसवाल कलेक्टर हर्षल पंचोली एसपी मोती उर रहमान मौके पर पहुंचकर राहत कार्यों की सीधे निगरानी कर रहे हैं।

प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि—लॉज के बगल वाले प्लॉट पर अवैध रूप से गहरी खुदाई की जा रही थी खुदाई के कारण इमारत की नींव कमजोर हो गई कंपन और दबाव के चलते पूरी बिल्डिंग अचानक ढह गई इस खुलासे के बाद अवैध निर्माण और लापरवाही पर बड़े सवाल खड़े हो गए हैं।

घटना के बाद स्थानीय निवासियों में भारी नाराजगी है। लोगों का कहना है कि—अवैध खुदाई की शिकायतें पहले भी की गई थीं प्रशासन ने समय रहते कार्रवाई नहीं की अब लोग दोषियों पर सख्त कार्रवाई की मांग कर रहे हैं।

मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने घटना पर गहरा दुख व्यक्त करते हुए— मृतकों के प्रति संवेदना जताई घायलों के बेहतर इलाज के निर्देश दिए दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई के आदेश दिए

क्या यह हादसा टाला जा सकता था?

अगर अवैध खुदाई पर समय रहते कार्रवाई होती, तो क्या मासूम जिंदगियां बच सकती थीं?

कोतमा का यह हादसा सिर्फ एक दुर्घटना नहीं, बल्कि लापरवाही और अवैध निर्माण का खतरनाक नतीजा है

अब देखना होगा कि प्रशासन इस मामले में कितनी सख्ती दिखाता है—या फिर यह मामला भी जांच और कागजी कार्रवाई तक ही सीमित रह जाता है

रेस्क्यू ऑपरेशन अभी जारी है, और मृतकों की संख्या बढ़ने की आशंका बनी हुई है।

सुंदरलाल बर्मनhttps://majholidarpan.com/
Sundar Lal barman (41 years) is the editor of MajholiDarpan.com. He has approximately 10 years of experience in the publishing and newspaper business and has been a part of the organization for the same number of years. He is responsible for our long-term vision and monitoring our Company’s performance and devising the overall business plans. Under his Dynamic leadership with a clear future vision, the company has progressed to become one of Hindi e-newspaper , with Jabalpur district.

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