एक ओर सरकार पुलिस विभाग को हाई-टेक बनाने और सड़कों पर अत्याधुनिक गाड़ियाँ दौड़ाने के बड़े-बड़े दावे करती है, वहीं दूसरी ओर जबलपुर जिले के कटंगी से आई एक तस्वीर इन दावों की पोल खोल रही है।
कटंगी (जबलपुर)
यहाँ आपातकालीन सेवा देने वाली ‘डायल 112’ खुद आपातकाल की स्थिति में नजर आई।
बीच चौराहे पर जवाब दे गई गाड़ी
वाकया कटंगी बस स्टैंड का है, जहाँ 2 अप्रैल की रात करीब 7:45 बजे पुलिस की डायल 112 गाड़ी अचानक बंद हो गई। हैरानी की बात यह रही कि रक्षकों की इस गाड़ी को दोबारा स्टार्ट करने के लिए आम जनता को आगे आना पड़ा। स्थानीय लोगों ने कड़ी मशक्कत करते हुए गाड़ी को काफी दूर तक धक्का लगाया, तब जाकर वह चालू हो सकी।
उठ रहे हैं गंभीर सवाल
इस घटना ने विभाग के मेंटेनेंस और व्यवस्थाओं पर कई गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं: जिम्मेदार कौन?: यदि किसी वारदात या मेडिकल इमरजेंसी के दौरान पुलिस की गाड़ी इस तरह धोखा दे जाए, तो होने वाले नुकसान का जिम्मेदार कौन होगा?
फंड का खेल: गाड़ियों के रखरखाव और मेंटेनेंस के लिए सरकार द्वारा जो फंड जारी किया जाता है, उसका इस्तेमाल आखिर कहाँ हो रहा है?
भरोसे पर चोट: आपातकालीन सेवाओं का उद्देश्य त्वरित सहायता पहुँचाना है, लेकिन ‘धक्के’ से चलने वाली यह व्यवस्था आम जनता के भरोसे को तोड़ रही है।
“यह तस्वीर सिर्फ एक सरकारी गाड़ी के खराब होने की नहीं है, बल्कि उस सिस्टम की बदहाली का प्रमाण है जो ‘धक्के’ के भरोसे चल रहा है।”
क्या सुधरेगी व्यवस्था?
कटंगी बस स्टैंड पर हुए इस वाकये का वीडियो और तस्वीरें अब सोशल मीडिया पर भी चर्चा का विषय बनी हुई हैं। अब देखना यह होगा कि इस घटना के बाद जिम्मेदार विभाग अपनी नींद से जागता है और गाड़ियों की स्थिति में सुधार करता है, या फिर भविष्य में भी जनता को ही ‘सिस्टम’ को धक्का लगाना पड़ेगा।
रिपोर्ट: स्थानीय संवाददाता,
कटंगी (जबलपुर)




