RBI लागू करने जा रहा है नया नियम, पुराने नंबर के साथ बदल सकेंगे अपना बैंक
मुंबई/भोपाल।
बैंकिंग सेक्टर में बहुत जल्द एक क्रांतिकारी बदलाव होने जा रहा है। भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) अब ग्राहकों को ‘बैंक अकाउंट पोर्टेबिलिटी’ की सुविधा देने की तैयारी कर रहा है। जिस तरह आप अपना मोबाइल नंबर बदले बिना सिम कार्ड की कंपनी (Airtel, Jio, VI) बदल लेते हैं, ठीक उसी तरह अब आप अपना बैंक अकाउंट नंबर बदले बिना अपना बैंक बदल पाएंगे।
ग्राहकों को मिलेगी ‘लूट’ से आजादी
पिछले कुछ वर्षों से बैंकों द्वारा मनमर्जी के सर्विस चार्ज, मिनिमम बैलेंस पेनाल्टी और अन्य कटौतियों से आम आदमी परेशान है। आरबीआई के इस कदम से बैंकों पर ग्राहकों को बेहतर सेवा देने का दबाव बढ़ेगा। अगर कोई बैंक खराब सर्विस देता है या ज्यादा चार्ज वसूलता है, तो ग्राहक तुरंत अपने पुराने अकाउंट नंबर के साथ दूसरे बैंक में शिफ्ट हो सकेगा। इससे बैंकों के बीच प्रतिस्पर्धा बढ़ेगी और ‘ग्राहक ही राजा है’ वाली कहावत चरितार्थ होगी।
EMI, SIP और ऑटो-पेमेंट का झंझट खत्म
अक्सर लोग बैंक बदलने से इसलिए डरते हैं क्योंकि उनके अकाउंट से EMI, SIP या बिजली-पानी के ऑटो बिल पेमेंट जुड़े होते हैं। नया बैंक खाता खोलने पर इन सबको फिर से सेट करना एक बड़ा सिरदर्द होता है। लेकिन पोर्टेबिलिटी नियम के तहत:
आपका अकाउंट नंबर और डिटेल्स वही रहेंगी।
पुराने अकाउंट में चल रही सभी EMI और SIP अपने आप नए बैंक में ट्रांसफर हो जाएंगी।
आपको केवाईसी (KYC) के लंबे झंझटों से बार-बार नहीं गुजरना होगा।
सोशल मीडिया पर हो रही आरबीआई की तारीफ
आरबीआई के इस फैसले की हर तरफ सराहना हो रही है। आम जनता का कहना है कि बैंकों ने पिछले कुछ समय से वसूली का जो दौर चला रखा है, उस पर इस नियम से लगाम लगेगी। लोगों की मांग है कि इस नियम को जल्द से जल्द पूरे भारत में प्रभावी किया जाए ताकि वे अपनी मर्जी और सुविधा के अनुसार बैंक का चुनाव कर सकें।
बैंकों पर बढ़ेगा दबाव
विशेषज्ञों का मानना है कि इस नियम के लागू होने के बाद बैंकों को अपनी कार्यप्रणाली सुधारनी होगी। जो बैंक ग्राहकों को संतुष्ट नहीं रख पाएंगे, उन्हें अपने डिपॉजिट खोने का डर सताएगा। यह कदम डिजिटल इंडिया और बैंकिंग सुधार की दिशा में एक मील का पत्थर साबित हो सकता है।
ब्यूरो रिपोर्ट: मझौली दर्पण न्यूज़




