एमपी में गेहूं खरीदी का शंखनाद: कैबिनेट समिति की हाई-लेवल बैठक में तारीखों पर मुहर, 10 अप्रैल से शुरू होगा उपार्जन
भोपाल/मझौली।
मध्यप्रदेश में रबी विपणन वर्ष 2026-27 के लिए गेहूं की सरकारी खरीदी (उपार्जन) को लेकर इंतज़ार खत्म हो गया है। सोमवार को आयोजित कैबिनेट समिति की एक उच्च स्तरीय वीडियो कॉन्फ्रेसिंग बैठक में प्रदेश की गेहूं खरीदी व्यवस्था की विस्तृत समीक्षा की गई और खरीदी की तारीखों का विधिवत ऐलान कर दिया गया। सरकार ने स्पष्ट किया है कि किसानों को उनकी उपज का उचित मूल्य दिलाने और भुगतान प्रक्रिया को पारदर्शी बनाने के लिए डिजिटल सिस्टम को और मजबूत किया गया है।
दो चरणों में होगी खरीदी: जानें आपके संभाग का शेड्यूल
कैबिनेट समिति ने निर्णय लिया है कि प्रदेश की भौगोलिक और मौसम की स्थिति को देखते हुए उपार्जन कार्य दो चरणों में प्रारंभ होगा:
* 10 अप्रैल 2026 से: इंदौर, उज्जैन, भोपाल और नर्मदापुरम संभाग के जिलों में तुलाई शुरू होगी।
* 15 अप्रैल 2026 से: जबलपुर (मझौली सहित), रीवा, शहडोल, सागर, ग्वालियर और चंबल संभाग में खरीदी का आगाज होगा।
वैश्विक संकट के बीच ‘खाद्य सुरक्षा’ पर विशेष फोकस
बैठक में एक महत्वपूर्ण पहलू पर चर्चा हुई— मध्य पूर्व (Middle East) में चल रहे संघर्ष के कारण उत्पन्न वैश्विक अनिश्चितता। इस तनावपूर्ण अंतरराष्ट्रीय माहौल को देखते हुए सरकार ने खाद्यान्न आपूर्ति और भंडारण व्यवस्था को चाक-चौबंद करने के निर्देश दिए हैं। खाद्य मंत्री श्री गोविंद सिंह राजपूत ने कहा कि समय पर व्यवस्थित खरीदी से न केवल किसानों को लाभ होगा, बल्कि बदलते वैश्विक हालातों के बीच राज्य की खाद्य सुरक्षा भी सुनिश्चित होगी।
डिजिटल पेमेंट और पारदर्शी निगरानी
मुख्यमंत्री के निर्देशों के अनुरूप, इस बार भुगतान प्रक्रिया में किसी भी प्रकार की देरी बर्दाश्त नहीं की जाएगी। समिति ने निर्देश दिए हैं कि:
* डिजिटल भुगतान: किसानों के खातों में राशि सीधे और समय पर पहुँचे, इसके लिए बैंकिंग चैनल को दुरुस्त किया गया है।
* मजबूत निगरानी: खरीदी केंद्रों पर किसी भी प्रकार की गड़बड़ी रोकने के लिए निगरानी तंत्र को हाईटेक बनाया गया है।
* सुविधाएं: परिवहन, बारदाना और भंडारण की व्यवस्थाएं समय से पहले पूर्ण करने के निर्देश दिए गए हैं।
बैठक में दिग्गजों की उपस्थिति
इस महत्वपूर्ण बैठक में राजस्व मंत्री श्री करण सिंह वर्मा, परिवहन मंत्री श्री राव उदय प्रताप सिंह, कृषि मंत्री श्री एदल सिंह कंषाना, खाद्य मंत्री श्री गोविंद सिंह राजपूत और राज्य मंत्री श्री लखन पटेल सहित वरिष्ठ प्रशासनिक अधिकारी मौजूद रहे। अधिकारियों को सख्त हिदायत दी गई है कि उपार्जन केंद्रों पर किसानों को किसी भी प्रकार की असुविधा नहीं होनी चाहिए।
: जबलपुर संभाग के किसानों के लिए अब यह स्पष्ट है कि उन्हें 15 अप्रैल से अपनी फसल बेचने का अवसर मिलेगा। वैश्विक तनाव के बीच सरकार की यह सक्रियता दर्शाती है कि इस बार भंडारण और बम्पर खरीदी को लेकर प्रशासन काफी गंभीर है।
ब्यूरो रिपोर्ट – मझौली दर्पण न्यूज़




