देश में महंगाई एक बार फिर आम जनता के लिए बड़ी चिंता बनकर उभर रही है।
नई दिल्ली/जबलपुर/मझौली
ताज़ा आर्थिक आंकड़ों के अनुसार, थोक महंगाई दर 11 महीनों के उच्चतम स्तर पर पहुंच गई है, जिससे यह साफ संकेत मिल रहे हैं कि महंगाई पर नियंत्रण कमजोर पड़ता जा रहा है।
महंगाई का सबसे ज्यादा असर आम आदमी की थाली पर पड़ रहा है। फल: 1.78% से बढ़कर 3.57% दूध 2.51% से बढ़कर 3.00% अंडे, मीट और मछली: 3.66% से बढ़कर 5.36%
इन बढ़ती कीमतों ने न सिर्फ खर्च बढ़ाया है, बल्कि लोगों के पोषण स्तर पर भी असर डालना शुरू कर दिया है।
महंगाई केवल खाने तक सीमित नहीं है: नॉन-फूड आर्टिकल्स: 7.58% ➝ 8.80% ऑयल सीड्स: 19.25% ➝ 25.38% खासकर तेल की कीमतों में उछाल ने हर घर का बजट बिगाड़ दिया है।
टेक्सटाइल: 2.48% ➝ 3.29% वियरिंग अपैरल: 2.08% ➝ 2.14% यानी अब पहनना-ओढ़ना भी महंगा होता जा रहा है।
विशेषज्ञों के अनुसार, ये संकेत बताते हैं कि महंगाई अब हर सेक्टर में फैल चुकी है और इसका असर धीरे-धीरे हर वर्ग पर पड़ रहा है नीतियों के बावजूद कीमतों पर नियंत्रण चुनौती बना हुआ है।
एक तरफ आय सीमित है दूसरी तरफ खर्च लगातार बढ़ रहा है
ऐसे में मध्यम और गरीब वर्ग के लिए घर चलाना दिन-ब-दिन मुश्किल होता जा रहा है
अब आम जनता के बीच सवाल तेज हो रहे हैं: क्या महंगाई पर काबू पाया जा सकेगा? क्या राहत देने के लिए नए कदम उठाए जाएंगे? और कब तक जनता इस बोझ को झेलेगी?
महंगाई के लगातार बढ़ते दबाव को देखते हुए विशेषज्ञ सरकार से तत्काल और ठोस कदम उठाने की मांग कर रहे हैं,ताकि आम आदमी को राहत मिल सके!




