शिक्षा जगत को शर्मसार करने वाला मामला सामने आया है। एक इंजीनियरिंग छात्रावास में छात्राओं से अवैध वसूली और विरोध करने पर फेल करने की धमकी देने का गंभीर आरोप लगा है।
जबलपुर
इस घटना ने पूरे प्रदेश में हड़कंप मचा दिया है और छात्र सुरक्षा व शिक्षा व्यवस्था पर बड़े सवाल खड़े कर दिए हैं।
पीड़ित छात्राओं का कहना है कि:उनसे हॉस्टल और अन्य सुविधाओं के नाम पर अतिरिक्त और अवैध रकम मांगी जा रही थी जब उन्होंने इसका विरोध किया, तो उन्हें इंटरनल मार्क्स में फेल करने और रिजल्ट खराब करने की धमकी दी गई यह आरोप बेहद गंभीर हैं और सीधे-सीधे शैक्षणिक शोषण की श्रेणी में आते हैं।
छात्राओं ने यह भी बताया कि: हॉस्टल में डर और दबाव का माहौल बनाया गया शिकायत करने पर और ज्यादा प्रताड़ित करने की चेतावनी दी गई इससे कई छात्राएं मानसिक तनाव में हैं और खुलकर सामने आने से भी डर रही हैं।
जहां कॉलेज और छात्रावास को सुरक्षित और सम्मानजनक माहौल देना चाहिए,
वहीं अब वही जगह भ्रष्टाचार और शोषण का केंद्र बनती नजर आ रही है।
मामला सामने आने के बाद:छात्रों और अभिभावकों में आक्रोश बढ़ गया है निष्पक्ष जांच और दोषियों पर सख्त कार्रवाई की मांग उठ रही है
विशेषज्ञों का कहना है कि अगर समय रहते कार्रवाई नहीं हुई,तो यह मामला बड़ा शिक्षा घोटाला बन सकता है।
अब सबसे बड़ा सवाल यह है:क्या मध्यप्रदेश का शिक्षा और प्रशासनिक तंत्र इस मामले में सख्त कदम उठाएगा? या फिर यह मामला भी अन्य मामलों की तरह दबा दिया जाएगा?
यह घटना केवल एक कॉलेज की नहीं, बल्कि पूरे सिस्टम में व्याप्त खामियों को उजागर करती है जरूरत है कि:छात्राओं की सुरक्षा सुनिश्चित हो शिक्षा संस्थानों में पारदर्शिता बढ़े और दोषियों को कड़ी सजा मिले




