मध्य प्रदेश में कार्यरत प्राथमिक और माध्यमिक शिक्षकों के लिए एक महत्वपूर्ण निर्णय सामने आया है।


भोपाल
राज्य में सेवा दे रहे शिक्षकों को अब वर्ष 2026 में आयोजित होने वाली पात्रता परीक्षा अनिवार्य रूप से पास करनी होगी। इस निर्णय के बाद शिक्षा विभाग में हलचल तेज हो गई है और हजारों शिक्षकों की नजर आगामी परीक्षा पर टिक गई है।
जानकारी के अनुसार राज्य में शैक्षणिक गुणवत्ता सुधारने और शिक्षकों की दक्षता सुनिश्चित करने के उद्देश्य से यह व्यवस्था लागू की जा रही है। इसके तहत सरकारी स्कूलों में कार्यरत प्राथमिक और माध्यमिक स्तर के शिक्षकों को निर्धारित पात्रता परीक्षा में सफल होना अनिवार्य होगा।
शिक्षा विभाग के सूत्रों के मुताबिक यह परीक्षा शिक्षकों की शैक्षणिक क्षमता, विषय ज्ञान और शिक्षण पद्धति का मूल्यांकन करने के लिए आयोजित की जाएगी। परीक्षा पास करने वाले शिक्षकों को ही आगे सेवा में निरंतरता और अन्य शैक्षणिक लाभ मिल सकेंगे।
शिक्षा विशेषज्ञों का मानना है कि इस कदम से स्कूलों में पढ़ाई की गुणवत्ता बेहतर हो सकती है, क्योंकि इससे शिक्षकों को अपने विषय और शिक्षण कौशल को लगातार अपडेट रखने के लिए प्रेरणा मिलेगी। वहीं कुछ शिक्षक संगठनों ने इस फैसले को लेकर चिंता भी जताई है और स्पष्ट दिशा-निर्देश जारी करने की मांग की है।
फिलहाल शिक्षा विभाग द्वारा परीक्षा की तिथि, प्रक्रिया और नियमों को लेकर विस्तृत दिशा-निर्देश जल्द जारी किए जाने की संभावना है।




