सूचना का अधिकार अधिनियम के तहत समय पर जानकारी न देना एक तत्कालीन सहायक आयुक्त को महंगा पड़ गया
भोपाल
राज्य सूचना आयोग ने आरटीआई प्रकरण में गंभीर लापरवाही मानते हुए तत्कालीन सहायक आयुक्त संतोष शुक्ला पर ₹10,000 का जुर्माना लगाया है।
आयोग ने अपने आदेश में स्पष्ट किया कि आवेदक द्वारा मांगी गई जानकारी निर्धारित समय-सीमा में उपलब्ध नहीं कराई गई, न ही कोई संतोषजनक कारण प्रस्तुत किया गया। यह कृत्य आरटीआई अधिनियम का स्पष्ट उल्लंघन है। आयोग ने माना कि अधिकारी की उदासीनता से सूचना अधिकार की मूल भावना प्रभावित हुई है।
राज्य सूचना आयोग ने सख्त टिप्पणी करते हुए कहा कि जनसूचना अधिकारियों की यह जिम्मेदारी है कि वे पारदर्शिता और जवाबदेही सुनिश्चित करें। लापरवाही किसी भी स्तर पर स्वीकार्य नहीं है। आयोग के इस फैसले से प्रदेश भर के अधिकारियों में हड़कंप मच गया है और आरटीआई कानून के पालन को लेकर सख्त संदेश गया है।




