मझौली थाना अंतर्गत चौकी इंदाना क्षेत्र से एक गंभीर आपराधिक घटना सामने आई है, जिसने इलाके में दहशत का माहौल पैदा कर दिया है।
मझौली जबलपुर
18 वर्षीय छात्र अमन सिंह राजपूत के साथ मारपीट, अपहरण जैसी स्थिति, गाली-गलौज, वीडियो बनाकर धमकी देने का मामला दर्ज किया गया है। पुलिस ने आरोपियों के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (BNS) की गंभीर धाराओं में अपराध पंजीबद्ध कर जांच शुरू कर दी है।
क्या है पूरा मामला
प्राप्त जानकारी के अनुसार अमन सिंह राजपूत, निवासी उमरिया ढिरहा, कक्षा 11वीं का छात्र है। दिनांक 22 दिसंबर 2025 को वह अपने दोस्त साहिल काछी के साथ चंदन बाग स्थित हनुमान मंदिर गया था। वहां उसकी सहपाठी छात्रा प्रिया गडारी अपने मित्र राजा चौहान के साथ मौजूद थी। इस सामान्य घटना को लेकर विवाद खड़ा हो गया।
बताया गया कि स्कूल में इस बात की जानकारी शिक्षक को मिलने पर छात्रा के परिजनों ने उसे डांटा, जिससे नाराज होकर राजा चौहान ने बदले की साजिश रच डाली।
बर्रा धाम में बुलाकर की बर्बर पिटाई
दिनांक 24 दिसंबर 2025 की शाम करीब 3 बजे राजा चौहान ने अपने साथी शिवा राजपूत और राज राजपूत के साथ मिलकर पहले अमन के दोस्त दुर्गेश कुर्मी को पकड़ा, फिर साहिल काछी के माध्यम से अमन को बर्रा धाम, इंदाना बुलवाया। वहां तीनों आरोपियों ने अपने अन्य साथियों के साथ मिलकर अमन और साहिल के साथ हॉकी और डंडों से बेरहमी से मारपीट की, मां-बहन की गंदी गालियां दीं और उन्हें पैर पड़वाने के लिए मजबूर किया
इतना ही नहीं, आरोपियों ने इस पूरी घटना का वीडियो भी बनाया, जिसमें मारपीट और पैर पड़वाने के दृश्य कैद हैं।
वीडियो वायरल करने की धमकी, जान से मारने की चेतावनी
पीड़ित के अनुसार आरोपियों ने धमकी दी कि यदि दोबारा स्कूल में शिकायत की गई तो जान से खत्म कर देंगे। डर के कारण अमन ने घटना की जानकारी किसी को नहीं दी। लेकिन 26 दिसंबर 2025 को वही वीडियो उसके दोस्त के व्हाट्सएप पर भेज दिया गया, जिसके बाद मामला सामने आया।
घटना की रिपोर्ट अमन सिंह राजपूत ने अपने चाचा विकास राजपूत के साथ चौकी इंदाना में दर्ज कराई। पुलिस ने प्रथम दृष्टया आरोपियों राजा चौहान, शिवा राजपूत और राज राजपूत के खिलाफ धारा 296, 115(2), 351(3), 3(5) BNS के तहत अपराध पंजीबद्ध कर विवेचना शुरू कर दी है।
इलाके में आक्रोश, सख्त कार्रवाई की मांग
घटना के बाद से क्षेत्र में आक्रोश और भय का माहौल है। स्थानीय नागरिकों और अभिभावकों ने आरोपियों की तत्काल गिरफ्तारी, वीडियो जब्त करने और कड़ी कानूनी कार्रवाई की मांग की है।
सवाल यह है कि क्या छात्रों के बीच बढ़ती आपराधिक प्रवृत्ति पर समय रहते अंकुश लगेगा, या फिर डर और दबंगई का यह खेल यूं ही चलता रहेगा?




