धान उपार्जन में अनियमितता रोकने, वास्तविक किसानों से ही खरीदी सुनिश्चित करने तथा बिचौलियों एवं व्यापारियों को इस व्यवस्था से दूर रखने कलेक्टर राघवेंद्र सिंह ने एक और बड़ा कदम उठाया है।
जबलपुर
प्रत्येक उपार्जन केंद्र पर एक नोडल अधिकारी को तैनात करने तथा विभिन्न विभागों के जिला अधिकारियों को निरीक्षण की जिम्मेदारी सौंपने के बाद अब उन्होंने आज एक आदेश जारी कर जिले में पदस्थ राज्य प्रशासनिक सेवा के अधिकारियों को धान उपार्जन केंद्रों के सूक्ष्म एवं नियमित मॉनिटरिंग का दायित्व सौंपा है।
कलेक्टर श्री सिंह द्वारा जारी आदेश के मुताबिक राज्य प्रशासनिक सेवा के अधिकारी उन्हें आबंटित तहसील के धान उपार्जन केंद्रों का सतत भ्रमण करेंगे तथा कहीं भी किसी प्रकार की अनियमितता पाये जाने पर तुरंत कार्रवाई कर तत्काल उन्हें अवगत करायेंगे।
राज्य प्रशासनिक सेवा के जिन अधिकारियों को उपार्जन केंद्रों के नियमित और सूक्ष्म मॉनिटरिंग का दायित्व सौंपा है, उनमें पनागर और शहपुरा तहसील के उपार्जन केंद्रों के निरीक्षण और मॉनिटरिंग की जिम्मेदारी संयुक्त कलेक्टर पीयूष दुबे को, मझौली तहसील के उपार्जन केंद्रों की संयुक्त कलेक्टर ऋषभ जैन को, पाटन तहसील के उपार्जन केंद्रों की संयुक्त कलेक्टर श्रीमती नदीमा शीरी को तथा सिहोरा तहसील के धान उपार्जन केंद्रों के निरीक्षण और मॉनिटरिंग की जिम्मेदारी डिप्टी कलेक्टर रघुवीर सिंह मरावी को सौंपी गई है।




