कलेक्टर ने सबसे पहले ओपीडी का निरीक्षण कर मरीजों से सीधे संवाद किया और विकलांगजनों के लिए उपलब्ध सुविधाओं की स्थिति देखी।
मझौली जबलपुर
एक्स-रे कक्ष में पहुंचकर उन्होंने एक्स-रे सीट क्रय की प्रक्रिया, मशीन की कार्यशीलता और लंबित मामलों की जानकारी ली। लैब में जांच व्यवस्थाओं की बारीकी से समीक्षा करते हुए रजिस्टर, रेफर रिकॉर्ड और कर्मचारियों की उपस्थिति पंजिका का परीक्षण किया।
निरीक्षण के दौरान मेडिकल स्टोर में दवाओं की सूची (रेट लिस्ट) प्रदर्शित न होने पर कलेक्टर ने नाराजगी जताई और तत्काल सूची लगाने के निर्देश दिए। आयुष्मान भारत एवं एंटी आयुष्मान से संबंधित जानकारी लेकर पात्र हितग्राहियों को लाभ दिलाने पर जोर दिया। लेबर रूम, शिशु वार्ड और प्रसूता वार्ड का निरीक्षण कर प्रसूता योजना की जानकारी ली। साफ-सफाई की स्थिति असंतोषजनक पाए जाने पर कड़ी फटकार लगाते हुए सुधार के सख्त निर्देश दिए।
कलेक्टर ने ऑक्सीजन सिलेंडर व कंसंट्रेटर की उपलब्धता, एनआरसी मीटिंग हॉल की स्थिति तथा परिसर में अतिक्रमण के मुद्दे पर भी अधिकारियों को आवश्यक कार्रवाई के निर्देश दिए। निरीक्षण के दौरान स्पष्ट संदेश दिया गया कि स्वास्थ्य सेवाओं में लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी और व्यवस्थाओं में सुधार हर हाल में सुनिश्चित किया जाएगा




