शासकीय एम. एच. गृहविज्ञान एवं विज्ञान महिला महाविद्यालय, जबलपुर में “एआई, चैटजीपीटी एवं गूगल जैमिनी द्वारा कंटेंट निर्माण” विषय पर आयोजित छह दिवसीय फैकल्टी डेवलेपमेंट प्रोग्राम का आज समापन हुआ। यह कार्यक्रम सेडमेप द्वारा भारत सरकार के पीएम उषा प्रोजेक्ट के तहत आयोजित किया गया था।
जबलपुर
उद्घाटन एवं प्रमुख सत्र –
कार्यशाला का शुभारंभ 24 मार्च को महाविद्यालय के प्राचार्य डॉ. समीर शुक्ल और सेडमैप के जिला समन्वयक श्री अजय तिवारी की उपस्थिति में हुआ। डॉ. शुक्ल ने कहा, “ऐसे प्रशिक्षण कार्यक्रम शिक्षकों की क्षमता विकसित करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।”
प्रथम एवं द्वितीय दिवस में श्री ज्ञानेन्द्र सिंह ने “कृत्रिम बुद्धिमत्ता की मूल बातें” पर व्याख्यान दिया। डॉ. प्रीती राय ने “कंटेंट निर्माण” तकनीकों पर प्रकाश डाला, जबकि श्री पंकज सेन ने “एआई के माध्यम से समस्या समाधान” पर चर्चा की।
प्रशिक्षण सत्र –
वाधवानी एजुकेशन सोसाइटी, भोपाल के अध्यक्ष श्री ललित कुमार वाधवानी ने मुख्य प्रशिक्षक के रूप में चैटजीपीटी और जैमिनी का परिचय, प्रॉम्प्ट इंजीनियरिंग की बारीकियां, एआई का नैतिक उपयोग, कंटेंट, इमेज और वीडियो निर्माण तकनीकें सिखाईं।
समापन समारोह –
आज के समापन सत्र में मध्य प्रदेश लोक सेवा आयोग के पूर्व अध्यक्ष श्री एस. पी. गौतम मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित रहे। उन्होंने कहा, “एआई हमारी मदद कर सकता है, लेकिन हमें अपने प्राकृतिक दिमाग का उपयोग करते हुए ही इससे बेहतर परिणाम प्राप्त करने चाहिए।”
महाविद्यालय के प्राचार्य डॉ. समीर शुक्ल ने सभी प्रतिभागियों को बधाई देते हुए कहा, “यह कार्यशाला हमारे शिक्षकों के लिए एक नई शुरुआत है। भविष्य में भी हम ऐसे कार्यक्रम आयोजित करते रहेंगे, ताकि शिक्षण की गुणवत्ता को नई तकनीकों के साथ और समृद्ध किया जा सके।”
श्री वाधवानी ने प्रतिभागियों से एआई सीखी गई तकनीकों को नियमित रूप से अभ्यास में लाने का आग्रह किया। वहीं, सेडमैप के श्री तिवारी ने कार्यशाला का फीडबैक लेकर भविष्य में ऐसे और कार्यक्रम आयोजित करने का आश्वासन दिया।
समापन के इस अवसर पर सभी प्रतिभागियों को प्रमाणपत्र वितरित किए गए। यह कार्यशाला शिक्षण पद्धतियों में तकनीकी नवाचार लाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम साबित हुई।




