बैठक की अध्यक्षता अपर मुख्य सचिव, कुटीर एवं ग्रामोद्धोग एवं प्रभारी जबलपुर संभाग श्री विनोद कुमार ने की।
जबलपुर
इस दौरान जल गंगा संवर्धन, शाला प्रवेशोत्सव, खरीफ की बोनी, आदान एवं व्यवस्था, एनएचआई के कार्य, जबलपुर में टैक्सटाइल एवं लॉजिस्टिक के कार्य, वाराणसी में कोरिडोर की समीक्षा, नमामि नर्मदे परियोजना की समीक्षा, जबलपुर मंडी के रीडेंसिफिकेशन, जबलपुर आईटी पार्क, नरसिंहपुर औद्योगिक क्षेत्र चावरपाठा, बगासपुर, बरमान कला, डिंडोरी के औद्योगिक क्षेत्र बरखेड़ा, मंडला औद्योगिक क्षेत्र मोहनिया, पटपरा, मध्यप्रदेश पूर्व क्षेत्र विद्युत वितरण कंपनी, आदि विषयों पर विस्तृत चर्चा कर आवश्यक निर्देश दिये गये। बैठक में राज्य सभा सांसद, संभाग के विधायक व विधायक प्रतिनिधि, संभागीय कमिश्नर, सभी कलेक्टर, सीईओ जिला पंचायत और संभागीय अधिकारियों सहित अन्य संबंधित अधिकारी उपस्थित थे।
बैठक में संभागीय कमिश्नर श्री अभय वर्मा द्वारा जल गंगा संवर्धन अभियान अंतर्गत किये गये कार्यों की जिलेवार जानकारी दी गई, जिसमें नवीन व जीर्णोद्धार के कार्य के साथ लागत राशि शामिल थे। साथ ही कुल सृजित मानव दिवस को बताया गया। इसमें शहरी व ग्रामीण क्षेत्र के जल संरचनाओं के उन्नयन कार्यों की अलग-अलग जानकारी दी गई। स्कूल चले अभियान अतंर्गत शासकीय व अशासकीय स्कूलों में अभी तक दर्ज बच्चों की जानकारी देकर नवीन शैक्षणिक सत्र में अभियान अंतर्गत विद्यालय एवं सामाजिक सहभागिता के दृष्टिकोण से प्रवेशोत्सव, अभिभावक-शिक्षक बैठक, भविष्य से भेंट आदि के संबंध में बताया गया। खरीफ की बोनी आदान एवं व्यवस्था के बारे में संयुक्त संचालक कृषि ने विगत वर्ष के खरीफ की बोनी व वर्तमान खरीफ के रकबा व क्षेत्राच्छादन की तुलनात्मक जानकारी देते हुये खाद बीज की उपलब्धता के बारे में बताया। संबंधित अधिकारी द्वारा भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण अंतर्गत की जाने वाले कार्यों के साथ लोक निर्माण विभाग द्वारा जबलपुर संभाग में बनाये जाने वाले राष्ट्रीय राजमार्गों की स्थिति से अवगत कराया गया। बैठक में जबलपुर टेक्सटाइल एवं लॉजिस्टिक कलस्टर, वाराणसी मुंबई कॉरिडोर, नामामि नर्मदे परियोजना, जबलपुर आईटी पार्क और संभाग के अन्य जिलो के औद्योगिक क्षेत्रों के विकास कार्यों पर विस्तार से चर्चा कर आवश्यक दिशा निर्देश दिये गये।
इस दौरान लोक निर्माण मंत्री श्री सिंह ने कहा कि विकास कार्य में जहां-जहां भी अवरोध आ रहे है उन्हें दूर करें। नमामि नर्मदा प्रोजेक्ट को गतिशील करें और भविष्य में जो-जो चीज़े आम जन के कल्याण के लिये हो सकती है उन्हें देखकर कार्य करें। साथ ही यह कोशिश करें के स्थानीय लोगों को रोजगार के ज्यादा अवसर उपलब्ध कराया जाये। उन्होंने कहा कि बैठक के एजेंडा जन प्रतिनिधियों को बैठक के पूर्व देना सुनिश्चित करें और शासन की प्राथमिकताओं के अभियानों के क्रियान्वयन में जन प्रतिनिधियों को साथ लेकर चले। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के कल्याणकारी विजन के कारण ही प्रदेश में विकास तेजी से हो रहा है। कृषि क्षेत्र में श्रीअन्न का रकबा 1.10 लाख हेक्टेयर से बढ़कर 1.60 लाख हेक्टेयर हो गया है। उन्होंने कहा कि डीएपी की उपलब्धता का प्रयास करें और एनपीके के उपयोग को प्रोत्साहित करें। उन्होंने कहा कि सड़क, पानी, बिजली व शिक्षा आदि बुनियादी चीजे आम जन को सर्वसुलभ और अच्छी स्थिति में उपलब्ध हो। बिजली के बढ़े बिलो का निराकरण शिविर लगाकर सुनिश्चित करें। सड़कें गुणवत्तापूर्ण बनायें तथा ब्लैकस्पॉट को दूर किया जाये, ताकि भविष्य में दुर्घटनाओं से बचा जा सके। जल जीवन मिशन अंतर्गत सभी जगह पेयजल सुनिश्चित हो, साथ ही अभियान अंतर्गत खोदी गई सड़कों को सुधार कर सही स्थिति में लाये। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री डॉ. यादव के प्रयासों से संभागीय बैठक आयोजित हो रही है, जिसमें स्थानीय समस्याओं का स्थानीय स्तर पर समाधान हो सके। उन्होंने कहा कि स्थानीय समस्याओं के समाधान के लिये सभी को सार्थक प्रयास करना चाहिए।
बैठक में राज्यसभा सांसद श्रीमती सुमित्रा बाल्मिक ने कहा कि नर्मदा नदी के किनारे बसाहटों की दूरी सुनिश्चित किया जाये और यह कम से कम पांच सौ मीटर का अवश्य हो। जिससे नर्मदा को संरक्षित करने की दिशा में एक प्रभावी कदम होगा। विधायक श्री अजय विश्नोई ने कहा कि स्कूलों में शिक्षक और बच्चों का अनुपात सही हो, स्कूलों में मूलभूत संरचनाऐं जैसे भवन, शौचालय, पानी, बिजली आदि उपलब्ध हो। साथ ही कहा कि जल जीवन मिशन अंतर्गत खोदी गई सड़कों के सुधार शीघ्रता से हो। विधायक श्री इंदू तिवारी ने कहा कि नल-जल योजना अंतर्गत सभी घरों में पेयजल सुनिश्चित हो। साथ ही बिजली ट्रिपिंग की समस्या को दूर किया जाये। विधायक श्री अशोक रोहाणी ने कहा कि बिजली बिल के बढ़ी राशि का शिविर लगाकर उचित सुधार किया जाये। विधायक श्री नीरज सिंह ने मुख्यमंत्री आवास योजना से जुड़ी समस्याओं को बताते हुये कहा कि ग्रामीण क्षेत्र में बिजली बिल ज्यादा आने की समस्या है। अत: इस पर ध्यान दिया जाये। विधायक श्री अभिलाष पांडे ने कहा कि शहर की ट्राफिक व्यवस्था को सुधारा जाये। साथ ही वॉटर हार्वेस्टिंग की दिशा में कार्य किया जाये। डिंडोरी जिला से विधायक श्री ओम प्रकाश धुर्वे ने सड़कों की सुगमता व गुणवत्ता पर जोर देते हुये ब्लैक स्पॉट को दूर करें। डिंडोरी में सीवर लाईन को व्यवस्थित करनें के साथ औद्योगिक क्षेत्र के विकास पर जोर दिया। इसी प्रकार बैठक में मौजूद अन्य विधायकों ने रेत के अवैध उत्खनन व परिवहन पर रोक लगाने के साथ अपने-अपने क्षेत्र के विकास से जुड़े मुद्दों व समस्याओं पर चर्चा कर उस दिशा में प्रभावी कार्य करने पर जोर दिया।
एसीएस श्री विनोद कुमार ने संभाग के विकास कार्यों की जानकारी के साथ जनप्रतिनिधियों द्वारा उठाये गये मुद्दों को प्राथमिकता से निराकरण करनें के निर्देश संबंधित अधिकारियों को दिये




