नगर मझौली के वार्ड क्रमांक 8, 9 एवं 10 में पिछले चार दिनों से जल सप्लाई पूरी तरह ठप है। न कोई सूचना, न ही मुनादी — नागरिक बूँद-बूँद पानी को तरस रहे हैं, जबकि नगर परिषद द्वारा हर महीने पूरा जल कर वसूला जाता है।
मझौली/जबलपुर
नागरिकों का आरोप है कि नगर परिषद ने कभी जल प्रदाय का निश्चित समय निर्धारित नहीं किया, कब और कितने समय के लिए पानी मिलेगा — इसकी जानकारी तक नहीं दी जाती। कभी आधे घंटे पानी, कभी पंद्रह दिन सप्लाई गायब… अब चार दिन से पूरा संकट।
अगर हमें पता हो कि कब पानी आएगा, तो हम अपनी दिनचर्या संभाल लें, लेकिन यहाँ तो व्यवस्था ही भगवान भरोसे है।”
— वार्ड नंबर 9 की गृहिणी
क्षेत्रवासियों ने नगर परिषद कार्यालय में कार्यरत पीएचई अधिकारी और कर्मचारियों पर मनमानी का गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि शिकायत करने पर भी टालमटोल होता है
किसी जिम्मेदार को असली स्थिति की जानकारी नहीं
खुद अधिकारी भी समय-सीमा तय करने से बचते हैं
लोगों का स्पष्ट कहना है कि व्यवस्था सिर्फ कागजों में सुधरी दिखाई देती है, ज़मीनी हालात पूरी तरह बिगड़े हुए हैं।
जनता का सवाल :जल कर वसूली पूरी, लेकिन सप्लाई आधी क्यों?
पानी नहीं आए तो उसका हिसाब कौन देगा?
▪सूचना देना नगर परिषद की जिम्मेदारी है या एहसान?
मझौली की जनता की माँग :नियमित और घोषित समय-सारणी के अनुसार सप्लाई
किसी भी बाधा की पूर्व सूचना
पीएचई कर्मचारियों की जवाबदेही तय
समस्या समाधान के लिए हेल्पलाइन/कंट्रोल रूम सक्रिय
मझौली की जनता अब यही कह रही है —पानी हमारा अधिकार है, मनमानी नहीं चलेगी!”




