जनपद पंचायत मझौली अंतर्गत आने वाली ग्राम पंचायत कटरा तागबैहर, अमगवा दिवरी और कांकरदेही इन दिनों भीषण जल संकट की चपेट में हैं।
मझौली जबलपुर
हालात इतने गंभीर हैं कि ग्रामीणों को बूंद-बूंद पानी के लिए भटकना पड़ रहा है, जबकि दूसरी ओर उनसे लगातार जलकर की वसूली की जा रही है। इस विरोधाभासी स्थिति ने पूरे क्षेत्र में आक्रोश की लहर पैदा कर दी है।
ग्रामीणों के अनुसार गांवों में लगे हैंडपंप या तो सूख चुके हैं या खराब पड़े हैं, वहीं नल-जल योजनाएं पूरी तरह ठप हो चुकी हैं। महिलाएं और बच्चे रोजाना कई किलोमीटर दूर जाकर पानी लाने को मजबूर हैं, जिससे उनका दैनिक जीवन बुरी तरह प्रभावित हो रहा है।
मामले का सबसे गंभीर पहलू यह है कि ग्राम पंचायतों द्वारा जल आपूर्ति विभाग के माध्यम से लगातार पानी का बिल वसूला गया, लेकिन विद्युत विभाग का लाखों रुपए का बिल बकाया होने के कारण मोटर-पंप बंद पड़े हैं। नतीजतन, पानी की टंकियां खाली हैं और जल आपूर्ति पूरी तरह बाधित हो चुकी है।
ग्रामीणों ने सवाल उठाया है कि जब उनसे नियमित रूप से जलकर लिया जा रहा है, तो फिर उस राशि का उपयोग कहां किया जा रहा है?
क्या यह सीधा-सीधा वित्तीय अनियमितता का मामला है या फिर प्रशासनिक लापरवाही?
स्थिति इतनी विकट हो चुकी है कि कई गांवों में पानी को लेकर विवाद की नौबत तक आ रही है और पशुओं के लिए भी पानी की भारी कमी बनी हुई है।
ग्रामीणों ने प्रशासन से मांग की है कि: तत्काल बकाया बिजली बिल का भुगतान कर जल आपूर्ति बहाल की जाए वसूले गए जलकर का पूरा हिसाब सार्वजनिक किया जाए,और दोषी अधिकारियों व पंचायत प्रतिनिधियों पर कड़ी कार्रवाई की जाए।
ग्रामीणों ने चेतावनी दी है कि यदि जल्द समाधान नहीं हुआ तो वे जन आंदोलन करने को मजबूर होंगे।




