भूमि संबंधी लंबित प्रकरणों के लिए राजस्व अभियान पुनः चलाया जाए।
छतरपुर
राजस्व अभिलेखों के डिजिटाइजेशन का कार्य शीघ्रता से पूर्ण करें। राजस्व न्यायालय का कार्य प्रशंसनीय है, समस्त टीम को बधाई। नागरिकों को उनकी भूमि का त्वरित नक्शा और विवरणों की उपलब्धता वेबसाइट पर कराएं। यह सुविधा अगले दो वर्ष में पूर्ण करें।
दो वर्षों की उपलब्धियां– वर्ष 2024–25 में तीन चरणों में संचालित राजस्व महाअभियान में 1 करोड़ से अधिक प्रकरणों का निराकरण हुआ।
– मध्यप्रदेश देश का पहला राज्य बना, जिसने 24 जिलों में राजस्व न्यायालयों के लिए समर्पित अधिकारियों की नियुक्ति की।
– RCMS के माध्यम से पिछले दो वर्षों में 41.68 लाख प्रकरणों में से 94% से अधिक प्रकरणों का समय-सीमा में निराकरण किया गया।
– मध्यप्रदेश देश का पहला राज्य बना, जिसने जियो-फेंस तकनीक का उपयोग कर त्रुटिहीन फसल गिरदावरी सुनिश्चित की और 3.80 करोड़ सर्वे नंबरों में फसल विवरण को फोटो सहित दर्ज किया।
– स्वामित्व योजना अंतर्गत 94% कार्य संपन्न कर आबादी ग्रामों में 39.63 लाख अधिकार अभिलेख वितरित किए गए।
– कॉल सेंटर से 6 माह से लंबित प्रकरणों की संख्या 8963 से घटकर केवल 150 रह गई।
– ₹1974 करोड़ की लागत से 438 कार्यालय भवनों की स्वीकृति दी गई, जिनमें से 324 का निर्माण पूर्ण हो चुका है।
– प्राकृतिक आपदाओं से निपटने एवं प्रभावितों को राहत उपलब्ध कराने के लिए दो वर्ष में अब तक 2 हजार 68 करोड़ 99 लाख रुपए की राशि व्यय की गई।
आगामी तीन वर्षों की कार्ययोजना- – डिजिटल व्यक्तिगत डेटा संरक्षण अधिनियम DPDP Act के अनुरूप विभागीय पोर्टल का आधुनिकीकरण किया जाएगा।
– नक्शाविहीन ग्रामों के नक्शे बनाने तथा भू-अर्जन प्रक्रियाओं को एंड-टू-एंड ऑनलाइन किया जाएगा।
– नवीन आवश्यक आबादी भूमियों का चिन्हांकन किया जाएगा।
– विश्वास आधारित डायवर्ज़न प्रक्रिया लागू करने की योजना है।




