जल गंगा संवर्धन अभियान -2025 के तहत कलेक्टर श्री यादव का अभिनव प्रयास
माहात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार स्कीम अंतर्गत किया जायेगा कार्य
85हजार 512 मानव दिवसों का सृजित होगा रोजगार
कलेक्टर श्री यादव नें जारी किया आदेश
कटनी –
जल गंगा संवर्धन अभियान के तहत कटनी जिले में रविवार 30 मार्च से जल संरचनाओं के निर्माण, जीर्णोद्धार और साफ-सफाई का कार्य शुरू हुआ। इसे और अधिक विस्तार देकर जिले जल संरक्षण एवं संवर्धन कार्यों के माध्यम से जल संग्रहण क्षमता में वृद्धि एवं भू-जल रिचार्ज को दृष्टिगत रखते हुए कलेक्टर श्री दिलीप कुमार यादव द्वारा जिले के 36 तालाबों की मरम्मत एवं जीर्णोद्धार हेतु 3 करोड 44 लाख 69 हजार रूपये की प्रशासकीय स्वीकृति प्रदान की है।
कलेक्टर श्री यादव नें यह स्वीकृति कार्यपालन यंत्री ग्रामीण यांत्रिकी सेवा द्वारा प्रस्ताव एवं तकनीकी प्रतिवेदन के आधार पर सशर्त जारी किया है।
इस संबंध में कलेक्टर श्री यादव द्वारा जारी आदेश के अनुसार तालाब जीर्णोद्धार एवं नवीनीकरण कार्य कराये जाने हेतु संबंधित ग्राम पंचायतों को क्रियान्वयन एजेंसी नियुक्त किया गया है तथा कार्य में होने वाला व्यय 15वें वित्त एवं महात्मा गांधी राष्ट्रीय रोजगार स्कीम के अंतर्गत विकलनीय होगा। इस संपूर्ण कार्य में 82 हजार 512 मानव कार्यदिवस का रोजगार सृजित होगा।
ये तालाब शामिल
जिला पंचायत के सीईओ श्री शिशिर गेमावत नें बताया कि तालाबों के पुनरूद्धार, जीर्णोद्धार एवं नवीनीकरण हेतु तकनीकी एवं प्रशासकीय स्वीकृति जारी की गई है उनमें जनपद पंचायत कटनी अंतर्गत ग्राम पंचायत केवलानी ग्राम सर्रा हेतु 9.47 लाख , खरखरी के ककरहाई तालाब हेतु 9.56 लाख, जुहला के गोहाई तालाब हेतु 9.59 लाख, पिपरिया के आसमानी दाई के पास स्थित तालाब हेतु 9.46, मझगवां फाटक के सोजहाई तालाब हेतु 9.83 लाख, तथा मड़ई के शांतिधाम के बाजू के सुर्की तालाब के जीर्णोद्धार हेतु 9.53 लाख रूपये की स्वीकृति जारी की गई है।
जबकि जनपद पंचायत रीठी के बरयारपुर के खैरूआ तालाब के विस्तारीकरण हेतु 9.96 लाख, जमुनिया के मोहाई तालाब गहरीकरण हेतु 9.96 लाख, खम्हरिया -1 के बरा के पास स्थित तालाब के जीर्णाद्धार हेतु 9.90 लाख, तिनगवां तालाब विस्तारीकरण जुखला हेतु 9.74 लाख, कुम्हावारा गेवडाहार तालाब विस्तारीकरण हेतु 9.74 लाख, बडखेरा दुर्गा मंदिर के पास स्थित तालाब विस्तारीकरण हेतु 9.75 लाख, कैमोरी नर्सरी तालाब विस्तारीकरण 9.46 लाख, नैगवां गाडीघाट तालाब विस्तारीकरण 9.46 लाख, धनौरा धरहा तालाब हेतु 9.44 लाख रूप्ये, सिमरा-1 रैपुरा तालाब 9.56 लाख, बकलेहटा कछिया वाली तलैया जीर्णोद्धार हेतु 8.69 लाख, तिघराकला तालाब जीर्णोद्धार 8.99 लाख रूपये की स्वीकृत प्रदान की गई है।
वहीं जनपद पंचायत बड़वारा अंतर्गत जनपद पंचायत लुरमी बड़ा तालाब 9.75 लाख, पिपरिया कला के बडका तालाब जीर्णोद्धार हेतु 9.78 लाख की स्वीकृति प्रदान की गई है। इसी प्रकार जनपद पंचायत बहोरीबंद अंतर्गत आने वाली ग्राम पंचायत डिहुटा के इंदिरा कालौनी तालाब हेतु 9.95 लाख रूपये, मसंधा के धरना मोहार तालाब हेतु 9.31 लाख, कुम्हरवारा के शमशानघाट के पास के तालाब हेतु 9.46 लाख, खमतरा के भटिया तालाब हेतु 9.35 लाख, बरही के पूरन लोघी के खेत के पास के तालाब हेतु 9.34 लाख, बहोरीबंद के बैरई तालाब हेतु 8.01 लाख तथा मोहतरा के हरिजन मोहल्ला स्थित तालाब के जीर्णोद्वार हेतु 9.44 लाख रूपये की स्वीकृति प्रदान की गई है।
वहीं जनपद पंचायत विजयराघवगढ़ अंतगत आने वाली ग्राम पंचायत खिरवा नंबर 1 लाहुरवा तालाब हेतु 9.70 लाख रूपये, चपना के दडौरी तालाब हेतु 9.81 लाख, सिनगोडी कीे शारदा मोड़ तलैया हेतु 9.81 लाख, पथरहटा के सिझौला तालाब हेुत 9.83 लाख, हन्तला के गुलैला तालाब 9.72 लाख, देवसरी इंदौर के सेगरहाई भटिया स्थित तालाब हेतु 9.47 लाख, रजरवारा -2 पहाडी तालाब हेतु 9.83 लाख, रजरवारा -1 बाबा तालाब हेतु 9.96 लाख तथा बम्होरी के बढियाहार तालाब के जीर्णोद्धार हेतु 9.87 लाख रूपये की स्वीकृति प्रदान की गई है।
उपरोक्त कार्य के क्रियान्वयन में 15वां वित्त एवं महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी अधिनियम 2005 तथा उसके अनुक्रम में पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग द्वारा जारी दिशा-निर्देशों का पालन किया जाना अनिवार्य होगा।
इन शर्तों, प्रतिबंधों का करना होगा पालन
स्वीकृत निर्माण कार्य में म.गा.रा.ग्रा.रो.गां. स्कीम म.प्र. के मार्गदर्शी सिद्धांतो के अनुरूप ग्रामीण जाबकार्डधारी परिवार के व्यक्तियों को रोजगार की मांग करने पर अनिवार्य रूप से लगाया जावेगा। भारत सरकार द्वारा मनरेगा के संबंध में दिये गये निर्देशों के पालन करना आवश्यक होगा। स्वीकृत कार्य गनरेगा के मानकों के अनुरूप तथा म.प्र. शासन, पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग, मंत्रालय द्वारा दिये गये निर्देशों का पालन करते हुये कराना होगा।
कार्य के लिए प्रदच प्रशासकीय स्वीकृति में ही कार्य पूर्ण करना होगा। स्वीकृत राशि से अधिक राशि व्यय होने पर इसका रामस्त दायित्व क्रियान्वयन एजेंसी का होगा। कार्य शासकीय भूमि पर ही संपादित करना होगा तथा कार्य पर मजदूरी एवं सामग्री का अनुपात योजना के दिशा निर्देशों के अनुसार किया जाना अनिवार्य होगा।




