बेटे को भुगतान, पंचायत की तिजोरी पर डाका!
जबलपुर/मझौली।
पंचायत व्यवस्था में खुलेआम भ्रष्टाचार की तस्वीर सामने आई है। जनपद पंचायत मझौली की ग्राम पंचायत टिकुरी की सरपंच सीता देवी चौकसे को पद का दुरुपयोग कर शासकीय धन अपने ही पुत्र को दिलाने के गंभीर आरोप में धारा 40/92 के तहत पद से हटाया गया है। यह कार्रवाई जिला पंचायत सीईओ एवं न्यायालय विहित प्राधिकारी द्वारा की गई।
जांच में सामने आया कि सामुदायिक भवन, चबूतरा और पंचायत भवन निर्माण के नाम पर खरीदी गई सामग्री की राशि ₹1,11,050 सीधे सरपंच के पुत्र सिद्धांत चौकसे को भुगतान कर दी गई। यह न केवल नियमों का खुला उल्लंघन है, बल्कि पंचायत व्यवस्था को परिवार की जागीर बनाने का गंभीर प्रयास भी माना गया।
सुनवाई के दौरान सबसे चौंकाने वाली बात यह रही कि सरपंच ने स्वयं भुगतान की बात स्वीकार कर ली। पंचायत दर्पण पोर्टल के दस्तावेजों ने भी भ्रष्टाचार की पुष्टि कर दी। इसके बाद प्रशासन ने बिना किसी नरमी के तत्काल प्रभाव से सरपंच को पदमुक्त कर दिया।
इस कार्रवाई से पूरे जनपद में हड़कंप मच गया है। सवाल यह है कि अब तक ऐसे मामलों पर आंख मूंदे बैठे सिस्टम की जिम्मेदारी कौन तय करेगा? प्रशासन ने संकेत दिए हैं कि पंचायतों में भ्रष्टाचार करने वालों पर आगे भी कड़ी और निर्णायक कार्रवाई होगी।




