मझौली में पंचायत कर्मियों की छुट्टियों पर बड़ा सवाल,
मझौली जबलपुर
जनपद पंचायत मझौली के अंतर्गत आने वाली ग्राम पंचायतें—मुड़िया मढोद, दर्शनी, कांकरदेही, खितौला और पड़वार—एक बार फिर सवालों के घेरे में हैं। पंचायतों में पदस्थ सचिवों, रोजगार सहायकों एवं अन्य कर्मचारियों द्वारा ली गई छुट्टियों को लेकर पारदर्शिता पर गंभीर संदेह जताया जा रहा है। इसी कड़ी में सूचना का अधिकार अधिनियम, 2005 के तहत आवेदक शिवम साहू ने जनसूचना अधिकारी, जनपद पंचायत मझौली को आवेदन देकर जनवरी 2025 से नवंबर 2025 तक ली गई सभी छुट्टियों के सत्यापित आवेदन पत्रों की मांग की है।
आरटीआई आवेदन में प्रत्येक कर्मचारी का नाम, पदनाम, छुट्टी का प्रकार, स्वीकृति अधिकारी व दिनांक सहित पूरा विवरण मांगा गया है। साथ ही यह भी स्पष्ट करने को कहा गया है कि यदि किसी छुट्टी को अस्वीकृत किया गया तो उसका कारण और संबंधित अभिलेख क्या हैं।
स्थानीय नागरिकों का आरोप है कि कई पंचायतों में कर्मचारी महीनों तक नदारद रहते हैं, फिर भी रिकॉर्ड में सब “नियमित” दिखाया जाता है। अब यह आरटीआई यह तय करेगी कि पंचायतों में छुट्टियां नियमों के अनुसार ली गईं या कागजों में खेल कर जनता के काम को ठप रखा गया।
सबकी निगाहें प्रशासन पर टिकी हैं—क्या जनपद पंचायत मझौली सच सामने लाएगी या फिर फाइलों में ही जवाब दबा दिए जाएंगे? आरटीआई का जवाब आने के बाद पंचायत व्यवस्था की असली तस्वीर जनता के सामने होगी।




