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Saturday, March 14, 2026

मझौली सीएचसी में स्वास्थ्य विभाग की मौन सहमति उजागर

ओपीडी जानबूझकर बंद, डॉक्टर तय समय से पहले गायब!

मझौली/जबलपुर

सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (सीएचसी) मझौली में सामने आई हकीकत ने अब स्वास्थ्य विभाग की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवालिया निशान लगा दिए हैं। जहां एक ओर ग्रामीण इलाज के लिए भटक रहे हैं, वहीं दूसरी ओर विभागीय अधिकारी और जिम्मेदार पदाधिकारी सब कुछ जानते हुए भी आंख मूंदे बैठे हैं

 

 

इमरजेंसी ड्यूटी पर तैनात डॉक्टर विशाल विश्नोई का यह स्वीकार करना कि तीन बजे के बाद ओपीडी सेवा बंद कर दी जाती है”—इस बात का प्रत्यक्ष प्रमाण है कि यह कोई आकस्मिक लापरवाही नहीं, बल्कि जानबूझकर अपनाई गई व्यवस्था है। सवाल यह है कि जब सरकारी नियमों के अनुसार ओपीडी का समय निर्धारित है, तो उसे मनमाने ढंग से बंद करने की अनुमति किसने दी?

स्थानीय लोगों के अनुसार अधिकांश डॉक्टर दोपहर 12 बजे के बाद अस्पताल पहुंचते हैं और दो घंटे के भीतर ही लौट जाते हैं। इसके बावजूद न तो उपस्थिति पर कार्रवाई होती है, न ही वेतन कटौती और न ही कोई विभागीय अनुशासनात्मक कदम। यह स्थिति साफ तौर पर प्रशासनिक संरक्षण की ओर इशारा करती है।

ब्लॉक मेडिकल ऑफिसर डॉ. दीपक गायकवाड़ द्वारा “निर्देश दिए जाने” की बात कही गई, लेकिन जमीनी हालात में कोई सुधार नजर नहीं आ रहा। सवाल उठता है कि यदि निर्देश दिए गए हैं तो—बायोमेट्रिक अटेंडेंस सार्वजनिक क्यों नहीं की गई?

अनुपस्थित डॉक्टरों पर कार्रवाई का आदेश क्यों जारी नहीं हुआ?

ओपीडी समय उल्लंघन पर अब तक कितने नोटिस दिए गए?

स्थिति केवल मझौली तक सीमित नहीं है। पड़वार, लम्कंना,  और पोंडा सहित आरोग्य सेतु योजना के अंतर्गत बने अस्पतालों में भी महीनों से डॉक्टरों की नियमित मौजूदगी नहीं है। करोड़ों रुपये खर्च कर भवन तो खड़े कर दिए गए, लेकिन इलाज करने वाला डॉक्टर गायब है—तो फिर इन योजनाओं का लाभ किसे मिल रहा है?

अब सबसे बड़ा सवाल यह है कि

क्या जिला मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी (सीएमएचओ) को इन हालात की जानकारी नहीं है? या फिर जानकारी होने के बावजूद जानबूझकर अनदेखी की जा रही है?

ग्रामीणों का आरोप है कि यदि यही स्थिति शहरी क्षेत्र में होती, तो अब तक अधिकारियों की जवाबदेही तय हो चुकी होती। लेकिन ग्रामीण अंचलों में स्वास्थ्य सेवाओं के साथ हो रहा यह खिलवाड़ सिस्टम की संवेदनहीनता को उजागर करता है।

सुंदरलाल बर्मन
सुंदरलाल बर्मनhttps://majholidarpan.com/
Sundar Lal barman (41 years) is the editor of MajholiDarpan.com. He has approximately 10 years of experience in the publishing and newspaper business and has been a part of the organization for the same number of years. He is responsible for our long-term vision and monitoring our Company’s performance and devising the overall business plans. Under his Dynamic leadership with a clear future vision, the company has progressed to become one of Hindi e-newspaper , with Jabalpur district.

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