वन ग्रामों को राजस्व ग्रामों में परिवर्तित करने की बहुप्रतीक्षित प्रक्रिया को गति देने के लिए जिला पंचायत में समीक्षा बैठक आयोजित की गई।
भोपाल
बैठक की अध्यक्षता जिला पंचायत सीईओ श्रीमती इला तिवारी ने की। उन्होंने स्पष्ट शब्दों में कहा कि अब योजनाओं की समीक्षा सिर्फ फाइलों तक सीमित नहीं रहेगी, बल्कि सभी संबंधित अधिकारी परख के माध्यम से मैदानी निरीक्षण करेंगे और जमीनी सच्चाई की रिपोर्ट प्रस्तुत करेंगे।
बैठक में धरती आबा जनजातीय ग्राम उत्कर्ष अभियान एवं धरती आबा जनभागीदारी अभियान के अंतर्गत चल रहे कार्यों की गहन समीक्षा की गई। सीईओ ने कहा कि जनजातीय क्षेत्रों के विकास से जुड़े ये अभियान सरकार की प्राथमिकता में हैं और इनमें किसी भी स्तर पर लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
इसके साथ ही समय-सीमा पत्रों की भी विस्तृत समीक्षा की गई। सीईओ इला तिवारी ने अधिकारियों को कड़े निर्देश देते हुए कहा कि शिकायतों और प्रकरणों का निराकरण तय समय-सीमा में हो, अन्यथा जिम्मेदारी तय की जाएगी। उन्होंने दो टूक कहा कि जनता से जुड़े मामलों में देरी प्रशासन की छवि को नुकसान पहुंचाती है।
बैठक में यह भी निर्देश दिए गए कि वन ग्रामों के राजस्व ग्रामों में परिवर्तन से संबंधित सभी आवश्यक प्रक्रियाएं—जमीन, मूलभूत सुविधाएं, अधिकार और योजनाओं का लाभ—समन्वय के साथ पूर्ण की जाएं ताकि वर्षों से वंचित ग्रामीणों को वास्तविक लाभ मिल सके।
कुल मिलाकर, जिला पंचायत सीईओ की इस सख्त और सक्रिय समीक्षा बैठक से यह साफ संदेश गया है कि अब योजनाएं कागजों से निकलकर जमीन पर दिखनी चाहिए वरना कार्रवाई तय है।




