नगर परिषद मझौली में विकास कार्यों के नाम पर घटिया निर्माण और भ्रष्टाचार के आरोप लगातार सामने आ रहे हैं।
मझौली जबलपुर
सीसी सड़क हो या नाली निर्माण, हर जगह निर्माण मानकों की खुलेआम अनदेखी की जा रही है। स्थानीय नागरिकों का आरोप है कि गुणवत्ता के बजाय ठेकेदारों और नगर परिषद के जिम्मेदारों की मिलीभगत के आधार पर काम कराया जा रहा है, जिससे सरकारी धन की खुली बर्बादी हो रही है।
ताजा मामला वार्ड नंबर 7 का है, जहां कुछ दिन पहले कराए गए नाली निर्माण में गंभीर खामियां उजागर हुई हैं। नाली में कमजोर व घटिया सामग्री, अधूरा प्लास्टर, तय मानकों से कम गहराई और उचित ढलान का अभाव साफ दिखाई दे रहा है। वार्डवासियों का कहना है कि निर्माण कार्य पूरा हुए कुछ ही दिनों में नाली में दरारें दिखने लगी हैं और पहली बारिश में इसके पूरी तरह क्षतिग्रस्त होने की आशंका है।
इस मामले को लेकर वार्ड नंबर 7 के वार्डवासी शिव कुमार , सहित अन्य नागरिकों ने सामूहिक रूप से नाराजगी जताई है। शिव कुमार कोरी का कहना है कि निर्माण कार्य के दौरान कई बार नगर परिषद के कर्मचारियों और संबंधित इंजीनियरों को खामियों से अवगत कराया गया, लेकिन शिकायतों को जानबूझकर नजरअंदाज किया गया। वार्डवासियों का आरोप है कि जल्दबाजी में काम को पूरा दिखाकर भुगतान निकालने की तैयारी की गई।
वार्डवासियों ने चेतावनी दी है कि यदि नगर परिषद ने समय रहते कार्रवाई नहीं की, तो वे लिखित शिकायत, धरना–प्रदर्शन और उच्च अधिकारियों तक शिकायत दर्ज कराने को मजबूर होंगे। नागरिकों की मांग है कि वार्ड नंबर 7 में कराए गए नाली और सीसी सड़क निर्माण की स्वतंत्र तकनीकी जांच गुणवत्ता परीक्षण और पुनः माप कराई जाए।
जनता का सीधा सवाल है कि जब करोड़ों रुपये का बजट विकास कार्यों पर खर्च किया जा रहा है, तो उसकी गुणवत्ता और जवाबदेही तय क्यों नहीं है? वार्डवासियों ने जिला प्रशासन और नगरीय निकाय विभाग से मांग की है कि दोषी ठेकेदारों को ब्लैकलिस्ट किया जाए और जिम्मेदार अधिकारी–कर्मचारियों पर सख्त अनुशासनात्मक कार्रवाई हो, ताकि नगर परिषद मझौली में चल रहे घटिया निर्माण और भ्रष्टाचार पर प्रभावी रोक लग सके।




