लोक सूचना अधिकारी–मुख्य नगर पालिका अधिकारी पर सूचना छिपाने का आरोप, लोकायुक्त और सूचना आयोग में शिकायत
मझौली (जबलपुर)।
नगर परिषद मझौली में विकास कार्यों को लेकर एक बड़ा और गंभीर मामला सामने आया है। सूचना का अधिकार अधिनियम के तहत मांगी गई जानकारी में लोक सूचना अधिकारी (PIO) और मुख्य नगर पालिका अधिकारी (CMO) पर अधूरी, चयनित और भ्रामक सूचना देने के गंभीर आरोप लगे हैं। शिकायतकर्ता वार्ड नंबर 10 के निवासी शिवम साहू का कहना है कि यह जानबूझकर सूचना छिपाने और संभावित अनियमितताओं को ढकने का प्रयास है।
आरटीआई आवेदन में वर्ष 2019 से 2025 के बीच कराए गए निर्माण एवं विकास कार्यों से संबंधित निविदा दस्तावेज, मापन पुस्तिका (एमबी), टीएस बिल और भुगतान विवरण मांगे गए थे, लेकिन नगर परिषद कार्यालय द्वारा केवल कार्य आदेशों की प्रतियां उपलब्ध कराई गईं। शेष महत्वपूर्ण अभिलेख रोके जाने से संदेह और गहराया है।
मामला जनप्रतिनिधि के परिवार को लाभ पहुंचाने का विशेष रूप से संदेह के घेरे में है, जहां अधिकांश निर्माण कार्य एक ही परिवार अथवा उससे जुड़ी फर्मों को दिए जाने का आरोप है। इससे हितों के टकराव और भ्रष्टाचार की आशंका जताई जा रही है।
प्रकरण की गंभीरता को देखते हुए शिकायतकर्ता ने प्रथम अपील, राज्य सूचना आयोग में लोक सूचना अधिकारी पर अर्थदंड की मांग सहित शिकायत तथा लोकायुक्त मध्यप्रदेश और कलेक्टर जबलपुर को संयुक्त शिकायत दर्ज कराई है। मांग की गई है कि लोक सूचना अधिकारी पर जुर्माना लगाया जाए और मुख्य नगर पालिका अधिकारी के विरुद्ध विभागीय जांच शुरू की जाए।
अब यह मामला केवल सूचना के अधिकार का नहीं, बल्कि प्रशासनिक जवाबदेही, पारदर्शिता और सार्वजनिक धन के दुरुपयोग से जुड़ा बड़ा सवाल बन चुका है। आने वाले दिनों में जांच एजेंसियों की कार्रवाई पर पूरे क्षेत्र की नजरें टिकी हैं।




