नर्मदा नदी की पवित्रता और पर्यावरणीय संतुलन बनाए रखने के लिए नगर निगम पूरी तरह सतर्क नजर आ रहा है।
जबलपुर
इसी क्रम में नगर निगम आयुक्त श्री राम प्रकाश अहिरवार ने गौरीघाट स्थित सीवर ट्रीटमेंट प्लांट (एसटीपी) का औचक निरीक्षण कर शोधन प्रक्रिया की गुणवत्ता की गहन समीक्षा की। आयुक्त के अचानक पहुंचने से एसटीपी परिसर में प्रशासनिक हलचल तेज हो गई।
निरीक्षण के दौरान निगमायुक्त ने स्पष्ट शब्दों में निर्देश दिए कि बिना पूर्ण शुद्धिकरण के किसी भी स्थिति में जल को नर्मदा नदी में प्रवाहित न किया जाए। उन्होंने एसटीपी में चल रही तकनीकी प्रक्रियाओं, मशीनरी की कार्यक्षमता और मानकों के पालन की बारीकी से जांच की।
गंभीरता को देखते हुए मौके पर ही पानी के सैंपल लिए गए, जिन्हें वैज्ञानिक परीक्षण के लिए प्रयोगशाला भेजा गया है, ताकि यह सुनिश्चित किया जा सके कि उपचारित जल निर्धारित पर्यावरणीय मानकों पर खरा उतर रहा है या नहीं। निगमायुक्त ने अधिकारियों को चेताया कि सीवर ट्रीटमेंट प्रक्रिया में किसी भी प्रकार की लापरवाही नर्मदा की पवित्रता के साथ खिलवाड़ मानी जाएगी।
उन्होंने संबंधित अधिकारियों को निर्देशित किया कि एसटीपी की निरंतर मॉनिटरिंग की जाए, नियमित रिपोर्टिंग हो और किसी भी तकनीकी खामी को तत्काल दुरुस्त किया जाए। निगमायुक्त ने दो टूक कहा कि नर्मदा संरक्षण में कोताही बरतने वालों पर सख्त कार्रवाई की जाएगी।
नगर निगम की यह सक्रियता न केवल नर्मदा की स्वच्छता की दिशा में एक मजबूत कदम है, बल्कि यह संदेश भी देती है कि अब शहरी सीवेज प्रबंधन में लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। नर्मदा की निर्मलता के लिए निगम का यह सतत् प्रयास आने वाले समय में जल संरक्षण और पर्यावरण सुरक्षा की मिसाल बन सकता है।




