कड़ाके की ठंड ने जनजीवन को पूरी तरह जकड़ लिया है, लेकिन मझौली नगर में आम नागरिकों को राहत देने के लिए अलाव की कोई भी सरकारी व्यवस्था नहीं की गई है।
मझौली (जबलपुर)
ठंड से बचने के लिए मजबूर होकर नगर के व्यापारी और दुकानदार खुद ही कचरा, लकड़ी और अनुपयोगी सामग्री जलाकर ठंड मिटाने का प्रयास कर रहे हैं।
सबसे चिंताजनक स्थिति यह है कि प्रमुख बाजार, बस स्टैंड, अस्पताल के आसपास और रात्रि में खुले रहने वाले व्यावसायिक क्षेत्रों में भी नगर पंचायत द्वारा एक भी अलाव स्थल चिन्हित नहीं किया गया। इससे न सिर्फ व्यापारी बल्कि राहगीर, बुजुर्ग, महिलाएं और गरीब तबके के लोग भी ठंड के कहर का सामना करने को मजबूर हैं।
स्थानीय नागरिकों का कहना है कि हर वर्ष ठंड के मौसम में अलाव की व्यवस्था नगर पंचायत की जिम्मेदारी होती है, लेकिन इस बार प्रशासन की उदासीनता साफ नजर आ रही है। कचरा जलाने से जहां एक ओर वायु प्रदूषण बढ़ रहा है, वहीं आग लगने का खतरा भी बना हुआ है।
नगरवासियों ने मांग की है कि तत्काल प्रभाव से नगर के प्रमुख चौराहों, बाजारों और सार्वजनिक स्थलों पर अलाव की समुचित व्यवस्था की जाए। सवाल यह है कि क्या किसी हादसे के बाद ही प्रशासन जागेगा, या समय रहते ठंड से जूझ रही जनता को राहत मिलेगी?




