जिले का प्रतिष्ठित कहा जाने वाला सुखसागर अस्पताल अब गंभीर आरोपों के जाल में फंसता नजर आ रहा है।
जबलपुर/मझौली
आयुष्मान योजना में करोड़ों की हेराफेरी से लेकर वन विभाग और आदिवासियों की जमीन पर अवैध कब्जे तक के संगीन आरोपों ने अस्पताल प्रशासन की नींद उड़ा दी है। 10 अप्रैल को बहुजन चेतना विकास मोर्चा के नेतृत्व में अस्पताल के गेट पर जोरदार प्रदर्शन किया गया, जिससे इलाके में तनावपूर्ण स्थिति बनी रही।
आयुष्मान कार्ड में करोड़ों का खेल: ‘गरीबों के हक पर डाका’
प्रदर्शनकारियों का नेतृत्व कर रहे मोर्चा के प्रदेश अध्यक्ष राधेश्याम मेहरा ने आरोप लगाया कि सुखसागर अस्पताल ने आयुष्मान योजना के तहत फर्जीवाड़े कर शासन के खजाने को करोड़ों की चपत लगाई है। उन्होंने कहा कि गरीबों के इलाज के नाम पर आने वाले पैसे का बंदरबांट किया जा रहा है और इसकी उच्च स्तरीय जांच अनिवार्य है।
वन भूमि और आदिवासियों की जमीन पर निर्माण का आरोप
प्रदर्शन के दौरान केवल आर्थिक घोटाले ही नहीं, बल्कि जमीन से जुड़े विवाद भी सामने आए। मोर्चा ने दावा किया है कि अस्पताल का निर्माण वन विभाग की सुरक्षित भूमि और आदिवासियों की पट्टे वाली जमीन पर कब्जा करके किया गया है।
भीम आर्मी के जिलाध्यक्ष संजू लाल झारिया और समाजसेवी नीरज मिश्रा ने दो टूक कहा कि अस्पताल प्रबंधन ने सत्ता और पैसे के रसूख के चलते नियमों को ताक पर रख दिया है।
कर्मचारियों के शोषण का भी उठा मुद्दा
ज्ञापन में केवल भ्रष्टाचार ही नहीं, बल्कि अस्पताल में कार्यरत कर्मचारियों की बदहाली का मुद्दा भी प्रमुखता से उठाया गया। प्रदर्शनकारियों की मुख्य मांगों में शामिल है:
1. वेतन वृद्धि:अस्पताल में कार्यरत सभी कर्मचारियों का न्यूनतम वेतन 20 हजार रुपये प्रतिमाह सुनिश्चित किया जाए।
2. पारदर्शिता: अस्पताल के निर्माण संबंधी दस्तावेजों की सार्वजनिक जांच हो।
प्रशासन को 15 दिन का अल्टीमेटम
मौके पर मौजूद तहसीलदार को ज्ञापन सौंपते हुए प्रदर्शनकारियों ने साफ कर दिया कि यदि 15 दिनों के भीतर पारदर्शी जांच शुरू नहीं हुई, तो आंदोलन उग्र रूप लेगा। प्रदर्शन के दौरान किसी भी अप्रिय स्थिति से निपटने के लिए **बरगी थाना पुलिस** का भारी बल तैनात रहा।
“यह केवल एक ज्ञापन नहीं, बल्कि जनता की गाढ़ी कमाई और आदिवासियों के हक की लड़ाई है। यदि प्रशासन ने जांच में ढिलाई बरती, तो हम चुप नहीं बैठेंगे।”
*राधेश्याम मेहरा, प्रदेश अध्यक्ष, बहुजन चेतना विकास मोर्चा
ब्यूरो रिपोर्ट: मझौली दर्पण न्यूज़
सत्य के साथ, अन्याय के खिलाफ




