पशुपालन विभाग की योजनाओं का बेहतर क्रियान्वयन सुनिश्चित किया जाए – संभागायुक्त श्री सिंह
भोपाल
जिले में उद्यानिकी फसलों के नये कलस्टर किये जायें विकसित – संभागायुक्त
• भोपाल संभागायुक्त ने की पशुपालन एवं उद्यानिकी विभाग की प्रगति की समीक्षा, आगामी कार्ययोजना के बारे में दिये दिशा निर्देश
संभागायुक्त श्री संजीव सिंह ने कलेक्ट्रेट सभाकक्ष में बैठक आयोजित कर पशुपालन एवं उद्यानिकी विभाग की प्रगति, आगामी कार्ययोजना एवं लक्ष्यों की समीक्षा की। उन्होंने जिले में दुग्ध उत्पादन को दोगुना करने का महत्वाकांक्षी लक्ष्य तय करने तथा उद्यानिकी के नये कलस्टर विकसित करते हुए सभी अधिकारियों को इस दिशा में कार्य करने के निर्देश दिए। बैठक में कलेक्टर श्री बालागुरू के. ने जिले में पशुपालन विभाग तथा उद्यानिकी विभाग के वर्तमान स्थिति तथा आगामी कार्ययोजना के बारे में जानकारी दी।
संभागायुक्त श्री सिंह ने पशुपालन विभाग के अधिकारियों से कहा कि हिरण्यगर्भा अभियान, डॉ. भीमराव अंबेडकर कामधेनु योजना, दुग्ध समृद्धि संपर्क अभियान एवं क्षीर धारा ग्राम योजना का मैदानी स्तर पर प्रभावी रूप से क्रियान्वयन सुनिश्चित करें। उन्होंने कहा कि सांची दुग्ध संघ के साथ संपर्क कर दुग्ध उत्पादन एवं विक्रय के नये दुग्ध रूट तैयार करें, ताकि दुग्ध उत्पादन एवं विक्रय समितियों के माध्यम से विशेष मॉनीटरिंग सिस्टम तैयार हो सके। संभागायुक्त श्री सिंह ने कहा कि डॉ भीमराव अंबेडकर कामधेनु योजना के अंतर्गत अधिक से अधिक पशुपालकों को लाभान्वित किया जाए। सभी किसानों के पशुओं की ’पशुधन एप’ के माध्यम से मॉनीटरिंग हो, जिससे क्लस्टर वाइज दुग्ध उत्पादन की वृद्धि की सटीक जानकारी उपलब्ध हो सके। संभागायुक्त श्री सिंह ने संबंधित अधिकारियां से चर्चा में कहा कि ग्रामों को पशुपालन के स्तर, स्वास्थ्य एवं प्रबंधन के आधार पर क्षीर धारा योजना के ग्रामों में शत-प्रतिशत पशुओं का एआई, वैक्सीनेशन एवं पशुओं की टैगिंग शामिल हैं। संबंधित ग्राम पंचायतों में क्षीर धारा ग्राम के नोडल बनाये गये हैं। इसके साथ ही क्षीर धारा ग्राम में बफर जोन के अंतर्गत ग्राम पंचायतों में शत- प्रतिशत पशुओं का वैक्सीनेशन कार्य करने की योजना पर कार्य करें।
संभागायुक्त श्री सिंह ने उद्यानिकी विभाग की प्रगति की समीक्षा करते हुए आगामी कार्ययोजना एवं लक्ष्यों को लेकर आवश्यक दिशा-निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि उद्यानिकी फसलों के उत्पादन को बढ़ाने के लिए नये कलस्टर विकसित किए जाएं और अधिक से अधिक किसानों को उद्यानिकी फसलों की ओर प्रेरित किया जाए। संभागायुक्त ने निर्देश दिए कि प्याज एवं लहसुन जैसी फसलों के दाम कम होने की स्थिति में किसानों को भंडारण की सुविधा उपलब्ध कराने हेतु वेयरहाउस निर्माण पर सरकार द्वारा दी जा रही अनुदान योजनाओं की जानकारी दी जाए, ताकि किसान अपनी उपज सुरक्षित रख सकें।
उन्होंने सूक्ष्म सिंचाई को बढ़ावा देने पर जोर देते हुए कहा कि किसानों को ड्रिप इरिगेशन प्रणाली अपनाने के लिए प्रेरित किया जाए। साथ ही वर्तमान वित्तीय वर्ष के निर्धारित लक्ष्यों को समय-सीमा में पूर्ण करने तथा आगामी वर्ष के लिए नये लक्ष्य तय कर सूक्ष्म स्तर पर कार्ययोजना तैयार करने के निर्देश दिए। संभागायुक्त ने कहा कि मैदानी अमला लगातार किसानों के संपर्क में रहे और उन्हें तकनीकी मार्गदर्शन प्रदान करे। नये लक्ष्यों के अनुरूप पहले से किसानों का चयन कर गांव-गांव जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किए जाएं, जिससे योजनाओं का लाभ अधिक से अधिक किसानों तक पहुंच सके। बैठक में जिला पंचायत सीईओ श्रीमती सर्जना यादव, पशुपालन विभाग के उप संचालक श्री आरपी गौतम तथा उद्यानिकी विभाग के जिला अधिकारी श्री जगदीश मुजालदा सहित विकासखण्ड स्तरीय अधिकारी उपस्थित थे।




