सूचना का अधिकार अधिनियम 2005 के तहत मांगी गई जानकारी ने मझौली वन परिक्षेत्र की हकीकत को बेनकाब कर दिया है।
मझौली जबलपुर
सिहोरा वन परिक्षेत्र अधिकारी (सामान्य) कार्यालय के आधिकारिक जवाब के अनुसार मझौली नगर परिषद सीमा में वन विभाग से न तो कोई आरा मशीन पंजीकृत है और न ही किसी को संचालन की अनुमति या एनओसी दी गई है। इसके बावजूद क्षेत्र में अवैध सागौन कटाई और लकड़ी के अवैध प्रसंस्करण के मामले लगातार सामने आ रहे हैं।
दिनांक 20 जनवरी 2026 को जारी पत्र क्रमांक 114 में वन विभाग ने स्वीकार किया है कि 1 जनवरी 2023 से अब तक आरा मशीनों के विरुद्ध केवल एक ही प्रकरण दर्ज किया गया है। यह आंकड़ा उस समय और भी चौंकाने वाला हो जाता है, जब पहले भी मझौली में आरा मशीन में अवैध सागौन लकड़ी पकड़े जाने की घटनाएं उजागर हो चुकी हैं।




