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Thursday, February 26, 2026

गरीबों के पेट पर डाका! 14.83 लाख का राशन घोटाला—अंगूठा लगवाया, अनाज डकार गया विक्रेता

सरकारी राशन व्यवस्था में मचा लूट का खेल आखिरकार बेनकाब हो गया।

ढीमरखेड़ा कटनी

विकासखंड ढीमरखेड़ा की शासकीय उचित मूल्य दुकान बरेली (रामपुर) में गरीबों के हक पर सुनियोजित डकैती का खुलासा हुआ है।

दुकान कोड 4206006 का विक्रेता उमेश उर्फ मंदा शर्मा वर्षों से ग्रामीणों के साथ सीधी ठगी करता रहा—पीओएस मशीन पर अंगूठा लगवाया, लेकिन राशन एक दाना भी नहीं दिया।

मामला उजागर होने पर कलेक्टर आशीष तिवारी के निर्देश पर आरोपी के खिलाफ ढीमरखेड़ा थाने में एफआईआर दर्ज कर ली गई है।

घर-घर जाकर अंगूठा, गोदाम से गायब अनाज

जांच में सामने आया कि आरोपी विक्रेता घर-घर जाकर ग्रामीणों से पीओएस मशीन पर अंगूठा लगवाता था और फिर सरकारी रिकॉर्ड में राशन वितरण दिखाकर अनाज हड़प लेता था। दुकान महीनों तक नहीं खुली, वितरण पूरी तरह ठप रहा, लेकिन सिस्टम में सब “साफ” चलता रहा।

जांच टीम पहुँची, दुकान खाली—अनाज नदारद

कलेक्टर कार्यालय में शिकायत मिलते ही प्रशासन हरकत में आया। एसडीएम ढीमरखेड़ा के आदेश पर सहकारिता निरीक्षक, तहसीलदार और कनिष्ठ आपूर्ति अधिकारी की संयुक्त टीम ने जब दुकान की जांच की, तो विक्रेता फरार मिला।

मौके पर मौजूद हितग्राहियों ने जो बताया, उसने प्रशासन को भी हिला दिया। गरीब आदिवासी, महिला और मजदूर परिवारों को महीनों से राशन नहीं मिला, जबकि उनके नाम पर पूरा अनाज उठा लिया गया।

रिकॉर्ड में सैकड़ों क्विंटल, गोदाम में शून्य

AE-PDS पोर्टल और पीओएस रिकॉर्ड के अनुसार दुकान में

93.36 क्विंटल गेहूं

179.76 क्विंटल चावल

13.13 क्विंटल नमक

0.60 क्विंटल शक्कर  होनी चाहिए थी।

  लेकिन हकीकत यह कि गेहूं-चावल-शक्कर पूरी तरह गायब, सिर्फ 3 क्विंटल नमक पड़ा मिला। यानी सरकारी गोदाम पूरी तरह साफ 14.83 लाख का सीधा गबन जांच में

7.18 लाख रुपये का गेहूं,

 7.52 लाख रुपये का चावल,

 10 हजार रुपये का नमक,

 1,800 रुपये की शक्कर

  कुल 14,83,096 रुपये के राशन की हेराफेरी प्रमाणित हुई।

इन गंभीर धाराओं में केस दर्ज

कनिष्ठ आपूर्ति अधिकारी वंदना जैन द्वारा आरोपी के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता 2023 की धारा 318(4), 316(5) तथा आवश्यक वस्तु अधिनियम 1955 की धारा 3 व 7 के तहत मामला दर्ज कराया गया है।

सबसे बड़ा सवाल—इतने समय तक सिस्टम सोता क्यों रहा?

 

यह घोटाला सिर्फ एक विक्रेता की करतूत नहीं, बल्कि पूरी निगरानी व्यवस्था पर सवाल खड़े करता है।

AE-PDS, पीओएस और निरीक्षण तंत्र आखिर क्या करता रहा?

अब देखना यह है कि कार्रवाई सिर्फ एफआईआर तक सीमित रहती है या राशन माफिया की पूरी श्रृंखला पर गाज गिरती है।

सुंदरलाल बर्मन
सुंदरलाल बर्मनhttps://majholidarpan.com/
Sundar Lal barman (41 years) is the editor of MajholiDarpan.com. He has approximately 10 years of experience in the publishing and newspaper business and has been a part of the organization for the same number of years. He is responsible for our long-term vision and monitoring our Company’s performance and devising the overall business plans. Under his Dynamic leadership with a clear future vision, the company has progressed to become one of Hindi e-newspaper , with Jabalpur district.

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