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Wednesday, February 11, 2026

समर्थन मूल्य पर गेहूँ उपार्जन के लिये 7 फरवरी से प्रारंभ होगा किसानों का पंजीयन.

किसान सात मार्च तक करा सकेंगे अपना पंजीयन.

सिकमी, बटाईदार एवं वनप‌ट्टाधारी किसानों के पंजीयन के लिये 2 फरवरी के पूर्व हुये अनुबंध ही मान्य होंगे.

जबलपुर

रबी विपणन वर्ष 2026-27 में गेहूं उपार्जन के लिये किसानों का पंजीयन शनिवार 7 फरवरी से प्रारंभ होगा। जिले के किसान समर्थन मूल्य पर गेहूँ का विक्रय करने 7 मार्च तक अपना पंजीयन करा सकेंगे। किसानों का पंजीयन ऑनलाइन होगा और उन्हें पंजीयन के लिये सभी आवश्यक दस्तावेज प्रस्तुत करने होंगे।

समर्थन मूल्य पर गेहूँ का विक्रय करने किसान अपने मोबाइल से एमपी किसान एप के माध्यम के जरिये निःशुल्क पंजीयन करा सकेंगे। इसके अलावा ग्राम पंचायत और जनपद पंचायत कार्यालयों में स्थापित सुविधा केंद्र पर, तहसील कार्यालयों में स्थापित सुविधा केन्द्र पर तथा सहकारी समितियों एवं सहकारी विपणन संस्थाओं द्वारा संचालित पंजीयन केन्द्र पर किसानों के पंजीयन निःशुल्क पंजीयन पंजीयन की व्यवस्था की गई है। जबकि, एम पी ऑनलाईन कियोस्क, कॉमन सर्विस सेन्टर कियोस्क, लोक सेवा केन्द्र और निजी व्यक्तियों द्वारा संचालित साइबर कैफे पर किसान निर्धारित शुल्क चुका कर अपना पंजीयन करा सकेंगे।

सिकमी या बटाईदार एवं वनपट्टाधारी श्रेणी के किसानों का पंजीयन सहकारी समिति एवं सहकारी विपणन संस्था द्वारा संचालित पंजीयन केंद्रों पर किया जायेगा। ऐसे किसानों को पंजीयन केन्द्र पर आधार संबंधी दस्तावेज, आधार नंबर से पंजीकृत मोबाईल नंबर तथा सिकमी अथवा बटाई अनुबंध की प्रति साथ में लेकर पंजीयन केंद्र पहुंचना होगा। किसान द्वारा प्रस्तुत सिकमी अथवा बटाई अनुबंध की प्रति ऑपरेटर द्वारा स्कैन कर ई-उपार्जन पोर्टल अपलोड करने पर ही पंजीयन की कार्यवाही पूर्ण हो सकेगी।

जिले के प्रभारी आपूर्ति नियंत्रक प्रमोद कुमार मिश्र ने बताया कि पंजीयन नीति में सिकमी या बटाईदार किसानों को सिकमी अथवा बटाई अनुबंध 2 फरवरी के पूर्व की अवधि में पंजीकृत होने पर ही मान्य किये जाने के निर्देश दिये गये हैं। सिकमी अथवा बटाईदार किसान द्वारा प्रस्तुत सिकमी अनुबंध में उल्लेखित मूल भू-स्वामी का समग्र एवं आधार नबंर ई-उपार्जन पोर्टल पर दर्ज किया जायेगा तथा मूल भू-स्वामी का ओटीपी या बायोमेट्रिक से प्रमाणीकरण किया जाएगा। संयुक्त खाता होने पर किसी एक भू-स्वामी का ओटीपी अथवा बायोमेट्रिक से प्रमाणीकरण होगा।

जिला आपूर्ति नियंत्रक के मुताबिक सिकमी एवं बटाईदार संरक्षण अधिनियम, 2016 की कण्डिका 4.2 में यह प्रावधान है कि सिकमी अनुबंध की एक-एक प्रति उप पक्षकारों द्वारा अपने पास रखी जाएगी और एक प्रति तहसीलदार को प्रस्तुत की जा सकेगी। उन्होंने सिकमी एवं बटाईदार कृषकों से समर्थन मूल्य पर अपनी उपज का विक्रय करने के लिये 10 फरवरी के पूर्व संबंधित तहसीलदार के समक्ष सिकमी अनुबंध की प्रति प्रस्तुत करने का अनुरोध किया है।

सुंदरलाल बर्मनhttps://majholidarpan.com/
Sundar Lal barman (41 years) is the editor of MajholiDarpan.com. He has approximately 10 years of experience in the publishing and newspaper business and has been a part of the organization for the same number of years. He is responsible for our long-term vision and monitoring our Company’s performance and devising the overall business plans. Under his Dynamic leadership with a clear future vision, the company has progressed to become one of Hindi e-newspaper , with Jabalpur district.

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