राज्य सरकार द्वारा जारी निर्देशानुसार रबी वर्ष 2025-26 (विपणन वर्ष 2026-27) में चना एवं मसूर के पंजीयन की प्रक्रिया प्रारंभ हो गई है।
जबलपुर
समर्थन मूल्य पर चना एवं मसूर के विक्रय के लिये किसान 16 मार्च तक अपना पंजीयन करा सकेंगे।
किसान जिले में स्थापित गेहूं पंजीयन के लिए निर्धारित किये गये केन्द्रों के साथ-साथ एमपी किसान एप, एमपी ऑनलाइन कियोस्क, कॉमन सर्विस सेन्टर, लोक सेवा केन्द्र, साइबर कैफे एवं स्वयं के मोबाइल के माध्यम से चना एवं मसूर के लिये पंजीयन करा सकते हैं। सिकमी, बटाईदार, कोटवार एवं वन पट्टाधारी श्रेणी के किसानों का पंजीयन केवल सहकारी समिति एवं सहकारी विपणन संस्था द्वारा संचालित पंजीयन केंद्रों पर ही किया जायेगा।
उप संचालक कृषि डॉ. एस के निगम ने बताया कि पंजीयन के समय किसानों को बैंक खाता नम्बर, आईएफएससी कोड, भूमि के अभिलेख खसरा बी-1 एवं निर्धारित प्रारूप में वैध सिकमीनामा की जानकारी अनिवार्य रूप से उपलब्ध करानी होगी। उप संचालक कृषि ने पंजीयन हेतु किसानों से आधार नंबर से बैंक खाता एवं मोबाइल नंबर को लिंक कराकर उसे अपडेट रखने की अपील की है। गेहूं उपार्जन की भांति चना एवं मसूर के उपार्जन के लिये भी स्लॉट बुकिंग की व्यवस्था रहेगी।
उप संचालक कृषि ने बताया कि इस वर्ष खरीदी केन्द्रों पर उपज खरीदने से पहले कृषकों की वास्तविक पहचान के लिए आधार सक्षम पीओएस मशीन या मोबाइल एप के माध्यम से चेहरे का प्रमाणीकरण कर वास्तविक किसान का सत्यापन किया जायेगा, क्योंकि विगत वर्षों की भांति ओटीपी मान्य नहीं होगा। यदि कृषक स्वयं उपस्थित न हो पायें तो पंजीयन के समय 03 अधिकृत व्यक्तियों का नाम और आधार नंबर दे सकेगा, जिनके द्वारा पंजीकृत किसान की फसल विक्रय की जा सकेगी। अधिकृत व्यक्तियों का भी चेहरे का प्रमाणीकरण अनिवार्य होगा तथा भुगतान पंजीकृत कृषक के बैंक खाते में ही किया जाएगा।




