जनपद पंचायत मझौली में संचालित जन अभियान परिषद, मध्य प्रदेश की कार्यप्रणाली पर सवाल उठने लगे हैं।
मझौली जबलपुर
परिषद में परामर्शदाता और मेंटर्स की भर्ती को लेकर *भारी अनियमितताओं, भ्रष्टाचार और अपारदर्शी चयन प्रक्रिया* के आरोप सामने आए हैं।
परास्नातक छात्र एवं मैटर पद हेतु आवेदनकर्ताओं ने परामर्शदाता श्री नीरज दुबे और संबंधित ब्लॉक समन्वयक के खिलाफ विस्तृत शिकायत पत्र जिला समन्वयक को सौंपते हुए मामले की उच्चस्तरीय और निष्पक्ष जांच की माँग की है।
शिकायत पत्र पर हस्ताक्षर करने वाले युवा_अभिषेक सिंह राजपूत पंकज सिंह राजपूत रुपेश पटेल निशा पटेल अनुसुइया साहू सुशीला अंजनी प्रीति चौधरी
इन सभी ने संयुक्त रूप से परिषद की भर्ती प्रक्रिया में गंभीर गड़बड़ियों और अनुचित कार्यप्रणाली का आरोप लगाया है
दो जगह कार्यरत कर्मचारी पर भी सवाल — नियमों का खुला उल्लंघन
शिकायतकर्ताओं का कहना है कि परिषद से जुड़े एक व्यक्ति दो अलग-अलग स्थानों पर एक साथ कार्यरत पाए गए।
यह न केवल नियमों का उल्लंघन है, बल्कि प्रारंभ से चल रही भर्ती प्रक्रिया की विश्वसनीयता पर बड़ा प्रश्नचिह्न लगाता है।
युवाओं ने इस मामले की भी तत्काल और निष्पक्ष जांच की माँग की है
मेंटर्स की भर्ती में घोर अनियमितता — “पैसे लेकर चयन” का आरोप
आवेदनकर्ताओं ने भर्ती प्रक्रिया पर बेहद गंभीर आरोप लगाते हुए कहा— मेंटर्स/परामर्शदाता की भर्ती बिना विज्ञप्ति जारी किए गुपचुप तरीके से की गई।कई नए भर्ती किए गए मेंटर्स योग्य नहीं, बल्कि पैसे लेकर चयनित किए गए हैं।इस भ्रष्टाचार में परामर्शदाता के साथ-साथ ब्लॉक समन्वयक की भूमिका भी संदिग्ध बताई गई है।रिक्तियों की जानकारी पात्र युवाओं से छिपाई गई, ताकि पैसों के माध्यम से नजदीकी लोगों को पद दिए जा सकें।इससे क्षेत्र के अनेक बेरोजगार व योग्य युवाओं का सीधा शोषण व नुकसान हुआ है।
युवाओं ने इसे परिषद जैसी सार्वजनिक संस्था के लिए गंभीर प्रशासनिक भ्रष्टाचार बताया है।
कार्यक्रम प्रबंधन में भारी लापरवाही — अधिकारी अनुपस्थित, बच्चे गायब शिकायत में यह भी दर्ज है— ब्लॉक कोऑर्डिनेटर तृप्ति मिश्रा और परामर्शदाता नीरज दुबे कार्यक्रम स्थल पर समय पर उपस्थित नहीं थे।300 बच्चों के लक्ष्य में से मात्र 15–30 बच्चे ही उपस्थित रहे, जिससे कार्यक्रम प्रबंधन की विफलता उजागर होती है। इसके बावजूद नवांकुर संस्था – सीताराम जी महाराज समाज कल्याण समिति, पोला ने पूरे दायित्व एवं जिम्मेदारी का निर्वहन किया।
आवेदकों की मुख्य माँगें भर्ती प्रक्रिया की उच्चस्तरीय, पारदर्शी एवं निष्पक्ष जांच। जहाँ-जहाँ पैसे लेकर नियुक्तियाँ हुई हैं, उनकी पहचान कर कड़ी कार्रवाई। अयोग्य एवं पैसों के बदले भर्ती किए गए सभी मेंटर्स/परामर्शदाताओं को तुरंत निष्कासित किया जाए।
भर्ती प्रक्रिया को दोबारा संचालित किया जाए—सार्वजनिक विज्ञप्ति जारी कर, योग्यता आधारित चयन हो।**
रिक्तियों को छिपाकर गुप्त भर्ती करने वाले अधिकारियों पर सख्त विभागीय कार्रवाई की जाए।
—युवाओं का संदेश—“परिषद की गरिमा से खिलवाड़ बर्दाश्त नहीं
आवेदकों ने कहा कि जन अभियान परिषद की मर्यादा, पारदर्शिता और जनहित सर्वोपरि है।
यदि इस मामले पर शीघ्र, ठोस और न्यायोचित कार्रवाई नहीं होती, तो वे इस मुद्दे को उच्चाधिकारियों और सामाजिक माध्यमों पर उठाने के लिए बाध्य होगे




