जनपद पंचायत मझौली क्षेत्र में संचालित एक निजी संस्था “माँ नर्मदा कंप्यूटर्स एंड स्टेशनरी” द्वारा बनाए जा रहे डिजिटल सिग्नेचर सर्टिफिकेट (DSC) कार्य को लेकर अब सवाल खड़े होने लगे हैं।
मझौली जबलपुर
इस संबंध में एक नागरिक द्वारा सूचना का अधिकार (RTI) के तहत विस्तृत जानकारी मांगी गई है, जिससे पूरे मामले में पारदर्शिता की मांग तेज हो गई है।
आवेदन में आवेदक ने जनपद पंचायत से पूछा है कि क्या उक्त संस्था को DSC बनाने के लिए कोई आधिकारिक अनुमति या मान्यता दी गई है। यदि हां, तो उसकी प्रमाणित प्रति उपलब्ध कराने की मांग की गई है। इसके साथ ही DSC बनाने के लिए निर्धारित सरकारी शुल्क और उससे संबंधित आदेश/परिपत्र की जानकारी भी मांगी गई है।
RTI में यह भी जानना चाहा गया है कि जनपद पंचायत मझौली क्षेत्र में कुल कितनी दुकानों या संस्थाओं को DSC बनाने की अनुमति दी गई है, और उनकी नाम सहित सूची क्या है। इसके अलावा “माँ नर्मदा कंप्यूटर्स एंड स्टेशनरी” द्वारा वसूले जा रहे शुल्क की निगरानी और सत्यापन को लेकर भी सवाल उठाए गए हैं।
आवेदन में यह महत्वपूर्ण बिंदु भी शामिल है कि यदि इस संस्था के खिलाफ कोई शिकायतें जनपद पंचायत को प्राप्त हुई हैं, तो उन पर क्या कार्रवाई की गई। साथ ही, यदि यह संस्था eMudhra Limited द्वारा अधिकृत है, तो उसके प्राधिकरण या एग्रीमेंट की प्रमाणित प्रति भी मांगी गई है।
स्थानीय स्तर पर DSC सेवाओं में शुल्क और वैधता को लेकर पहले से ही चर्चाएं होती रही हैं, ऐसे में यह RTI आवेदन आने के बाद पूरे मामले में जांच और स्पष्टता की उम्मीद बढ़ गई है। अब देखना होगा कि जनपद पंचायत मझौली इस आवेदन पर क्या जवाब देती है और क्या इस मामले में कोई अनियमितता सामने आती है।




