नगर परिषद मझौली के विकास के 20 वर्षों के दावों पर अब सवाल खड़े होने लगे हैं।
मझौली जबलपुर
सोशल मीडिया पर वायरल एक वीडियो में मुख्य बाजार क्षेत्र में 10 फीट दुकानों को 20 से 30 फीट तक बढ़ाकर किए गए कथित अवैध कब्ज़ों को साफ देखा जा सकता है।
स्थानीय नागरिकों का कहना है कि— “ये हम नहीं… यह वीडियो ही बोलता है कि मझौली का विकास कितना ‘समान’ और कितना ‘असमान’ हुआ है।”
मुख्य सड़क पर अतिक्रमण के कारण— राहगीर और वाहन चालकों को भारी परेशानी
यातायात की नियमित जाम की स्थिति
एम्बुलेंस तक फंस जाती है जाम में
व्यवसायी वर्ग में भी असमानता को लेकर नाराज़गी
नागरिकों का आरोप है कि नगर परिषद ने वर्षों से इन अतिक्रमणों को न केवल नजरअंदाज किया, बल्कि चुनिंदा दुकानों को ही कार्रवाई से छूट देकर दोहरा रवैया अपनाया गया।
नगर परिषद से बड़े सवाल
1️⃣ क्या बाजार क्षेत्र में दुकानों के नाप-जोख और अनुमति के अभिलेख मौजूद हैं?
2️⃣ किस आधार पर 10 फीट दुकानें 20–30 फीट तक बढ़ने दी गईं?
3️⃣ अगर निर्माण अवैध है, तो कार्रवाई में देरी क्यों?
4️⃣ जनपद और राजस्व विभाग की भूमिका क्या रही?
5️⃣ आम पब्लिक को जाम और परेशानी से कब मिलेगी राहत?
जनता की आवाज़ स्थानीय युवाओं ने सवाल उठाया—“विकास हो रहा है या अतिक्रमण को संरक्षण मिल रहा है?”
प्रशासन की जवाबदेही तय हो
नगर परिषद चाहे पिछली हो या वर्तमान…दो दशक का बोलता विकास अब वीडियो में कैद है।




