किसानों की सुविधा के लिये प्रत्येक खरीदी पर नोडल अधिकारी नियुक्त.
उपार्जन नीति का अक्षरशः पालन करने कलेक्टर ने दी अधिकारियों को हिदायत.
जबलपुर
किसानों से समर्थन मूल्य पर चना, मसूर एवं सरसों का उपार्जन के लिये जिले में तीन खरीदी केंद्र स्थापित किये गये हैं। जिला उपार्जन समिति के निर्णय के मुताबिक स्थापित किये जा रहे तीनों खरीदी केंद्र गोदाम स्तर पर स्थापित किये गये हैं। इन खरीदी केंद्रों पर पंजीकृत किसानों से 31 मई तक चना, मसूर और सरसों का उपार्जन किया जायेगा। राज्य शासन के निर्देशानुसार जबलपुर जिले में किसानों से समर्थन मूल्य पर चना, मसूर एवं सरसों का उपार्जन 25 मार्च से 31 मई की अवधि के दौरान किया जायेगा।
कलेक्टर दीपक सक्सेना ने तीनों खरीदी केंद्रों पर किसानों की सुविधा के लिहाज से तीनों खरीदी केंद्रों पर एक-एक नोडल अधिकारी को नियुक्त किया है। उन्होंने एक आदेश जारी कर प्रत्येक खरीदी केंद्र पर हाई स्पीड इंटरनेट कनेक्शन, विद्युत व्यवस्था, कम्प्यूटर, प्रिंटर, यूपीएस तथा तौल-कांटा छन्ना सहित सभी उपार्जन उपकरण, हम्माल एवं तुलावटी तथा दरी, टेबल, कुर्सी, बैठने के लिये छायादार स्थान, पेयजल, शौचालय जैसी सभी जरूरी व्यवस्थायें सुनिश्चित करने के निर्देश संबंधित अधिकारियों को दिये हैं। श्री सक्सेना ने उपार्जन केंद्रों पर धर्म-कांटा की व्यवस्था तथा उपार्जन केंद्रों पर वाहनों को खड़ा करने के लिये पर्याप्त खुला स्थान एवं सुगम पहुँच मार्ग सुनिश्चित करने की हिदायत अधिकारियों को दी है।
जिला उपार्जन समिति द्वारा रबी वर्ष 2024-25 में किसानों से चना, मसूर और सरसों के उपार्जन के लिये जिले में गोदाम स्तर पर तीन खरीदी केन्द्र स्थापित करने का निर्णय लिया है। ये केंद्र जबलपुर तहसील में कृषि उपज मंडी स्थित राज्य भंडार गृह निगम के गोदाम क्रमांक-2, शहपुरा तहसील में न्यू काकुल वेयर हाउस गोदाम क्रमांक-37 तथा मझौली तहसील में भगवती वेयर हाउस गोदाम क्रमांक-92 में स्थापित किये गये हैं।
कलेक्टर दीपक सक्सेना द्वारा जारी आदेश के अनुसार इन खरीदी केंद्रों पर नियत उपार्जन एजेंसी द्वारा सप्ताह में पाँच दिन (सोमवार से शुक्रवार) सुबह 8 बजे से शाम 8 बजे तक उपार्जन का कार्य किया जायेगा तथा कृषक तौल पर्ची शाम 6 बजे तक जारी की जायेगी, ताकि दिन के उजाले में ही गुणवत्ता परीक्षण किया जाकर अंतिम कृषक की तौल शाम 8 बजे तक पूरी की जा सके। खरीदी केंद्रों पर शनिवार और रविवार को प्रति सप्ताह उपार्जन केंद्र पर शेष स्कंध का परिवहन, कृषकों से तौल किये गये स्कंध का उपार्जन केंद्र पर सुरक्षित भंडारण, लेखा मिलान तथा अस्वीकृत स्कंध का अपग्रेडेशन कार्य किया जाकर निराकरण किया जायेगा।
कलेक्टर श्री सक्सेना ने आदेश में साफ किया है कि तीनों खरीदी केंद्रों पर गुणवत्ता परीक्षण में नॉन एफएक्यू पाये जाने वाले स्कंध का भंडारण गोदाम पर किसी भी स्थिति में न किया जाये। उन्होंने चना, मसूर और सरसों की खरीदी में उपार्जन नीति का अक्षरशः पालन करने की हिदायत भी अधिकारियों को दी है।




