नगर परिषद मझोली के वार्ड क्रमांक 9 में मूलभूत सुविधाओं की स्थिति बद से बदतर हो चुकी है।
मझौली जबलपुर
टूटी और जर्जर नालियां, सड़क पर फैला गंदा पानी और जगह-जगह पड़ा मलबा स्थानीय प्रशासन की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े कर रहा है।
वार्ड निवासी अंशुल जैन ने जिला कलेक्टर से शिकायत करते हुए बताया कि नालियों का गंदा पानी सीधे सड़क पर बह रहा है। इससे न केवल पैदल राहगीरों को भारी परेशानी हो रही है, बल्कि दोपहिया और चारपहिया वाहनों का निकलना भी जोखिमभरा हो गया है। कई स्थानों पर जलभराव स्थायी रूप ले चुका है, जिससे आमजन का दैनिक जीवन प्रभावित हो रहा है
सड़क पर पत्थरों और निर्माण मलबे का ढेर लगा हुआ है। स्थानीय लोगों का कहना है कि रात के समय यह स्थिति और भी खतरनाक हो जाती है, जब अंधेरे में दुर्घटना की आशंका बढ़ जाती है। स्कूली बच्चे और बुजुर्ग विशेष रूप से जोखिम में हैं।
जमा गंदे पानी में मच्छरों का प्रकोप तेजी से बढ़ रहा है। क्षेत्रवासियों को डेंगू, मलेरिया और अन्य संक्रामक बीमारियों का भय सता रहा है। स्वास्थ्य विभाग की ओर से अब तक कोई विशेष फॉगिंग या सफाई अभियान नहीं चलाया गया है।
स्थानीय नागरिकों के अनुसार, इस संबंध में पहले भी नगर परिषद मझोली को लिखित शिकायत दी जा चुकी है, लेकिन अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई। इससे प्रशासनिक उदासीनता की तस्वीर साफ नजर आती है।
नागरिकों ने जिला कलेक्टर से मांग की है कि तत्काल स्थल निरीक्षण कर संबंधित अधिकारियों को नालियों की मरम्मत, सड़क से मलबा हटाने और नियमित सफाई सुनिश्चित करने के निर्देश दिए जाएं।
वार्ड 9 के रहवासियों का कहना है कि यदि शीघ्र समाधान नहीं हुआ तो वे जनआंदोलन या उच्च स्तर पर शिकायत करने के लिए बाध्य होंगे।
जनहित के इस गंभीर मुद्दे पर अब सबकी नजर जिला प्रशासन की कार्रवाई पर टिकी है।




