प्रमोशन पर उठे गंभीर सवाल, पीएचक्यू ने रीवा आईजी को सौंपी जांच; बड़े नेटवर्क के खुलासे की आशंका
भोपाल
मध्य प्रदेश पुलिस विभाग से एक ऐसा चौंकाने वाला मामला सामने आया है जिसने महकमे की चयन और पदोन्नति प्रक्रिया की शुचिता पर सवालिया निशान लगा दिए हैं। सब इंस्पेक्टर से कार्यवाहक इंस्पेक्टर बने कपूर त्रिपाठी के प्रमोशन को लेकर अब जांच की आंच विभाग के आला अफसरों तक पहुंच सकती है। मामला इतना गंभीर है कि पुलिस मुख्यालय (PHQ) ने इसकी उच्च स्तरीय जांच के आदेश जारी कर दिए हैं।
दस्तावेजों और प्राथमिक जानकारी के अनुसार, कपूर त्रिपाठी साल 2021 में सब इंस्पेक्टर (SI) से कार्यवाहक इंस्पेक्टर के पद पर प्रमोट हुए थे। चौंकाने वाली बात यह है कि:
नकल का मामला: एसआई ट्रेनिंग के दौरान त्रिपाठी नकल करते हुए रंगे हाथों पकड़े गए थे।
* परीक्षा परिणाम: वे इंटरनल (आंतरिक) और एक्सटर्नल (बाह्य) दोनों ही परीक्षाओं में फेल घोषित किए गए थे।
नियमों के मुताबिक, फेल या दागी रिकॉर्ड वाले उम्मीदवार का प्रमोशन रुक जाना चाहिए, लेकिन त्रिपाठी के मामले में नियमों को ताक पर रखकर उन्हें पदोन्नत कर दिया गया।
इस सनसनीखेज खुलासे के बाद पुलिस मुख्यालय ने सख्त रुख अख्तियार किया है। रीवा आईजी गौरव राजपूत को पूरे मामले की विस्तृत जांच सौंपी गई है। जांच के मुख्य बिंदु होंगे:
त्रिपाठी को फेल होने के बावजूद प्रमोशन देने की फाइल किसने आगे बढ़ाई? किन-किन अधिकारियों ने अपात्र होने के बाद भी उनके नाम पर मुहर लगाई? क्या इसके पीछे कोई संगठित नेटवर्क काम कर रहा है?
हैरानी की बात यह भी है कि संदिग्ध रूप से प्रमोट होने के बाद कपूर त्रिपाठी को लगातार महत्वपूर्ण जिम्मेदारियां मिलती रहीं। वे सिंगरौली जिले के बेहद चर्चित और रसूखदार मोरवा थाना प्रभारी और नवानगर थाना प्रभारी जैसे पदों पर तैनात रहे। सवाल यह भी है कि क्या विभाग में उनकी पकड़ इतनी मजबूत थी कि उनकी विफलताओं को पूरी तरह नजरअंदाज कर दिया गया
पुलिस मुख्यालय को शक है कि यह महज एक मानवीय चूक नहीं बल्कि एक बड़ा ‘सिंडिकेट’ हो सकता है। यदि एक फेल एसआई इंस्पेक्टर बन सकता है, तो संभावना है कि इस लिस्ट में और भी नाम शामिल हों। अब आईजी की जांच रिपोर्ट से तय होगा कि इस फर्जीवाड़े के पीछे कौन-कौन से ‘सफेदपोश’ अधिकारी शामिल हैं।
“विभाग की छवि से समझौता नहीं किया जाएगा। जांच के आदेश दे दिए गए हैं और जो भी अधिकारी इस गलत प्रमोशन के लिए जिम्मेदार पाया जाएगा, उस पर कठोर दंडात्मक कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी।”
— सूत्र, पुलिस मुख्यालय (PHQ)
बड़ी बातें: दागी रिकॉर्ड: ट्रेनिंग में नकल और दो परीक्षाओं में फेल होने का आरोप। जांच का घेरा: रीवा आईजी गौरव राजपूत करेंगे पूरे नेटवर्क का पर्दाफाश।अहम तैनातियां: मोरवा और नवानगर जैसे महत्वपूर्ण थानों के रहे प्रभारी।
रिपोर्ट: क्राइम डेस्क, मझौली दर्पण न्यूज।
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