मझौली में किसानों का सब्र जवाब पर, कलेक्टर कार्यालय के घेराव की चेतावनी
मझौली (जिला जबलपुर)
“जय जवान… जय किसान” के नारों के बीच मझौली तहसील मुख्यालय के सामने किसानों का धरना 17वें दिन भी जारी है, लेकिन प्रशासन की ओर से अब तक न भुगतान हुआ, न कोई ठोस आश्वासन दिया गया।
धान खरीदी और तुलाई भुगतान को लेकर श्री जी वेयर हाउस, धनवाही पिपरिया (मझौली) में हुई भारी अनियमितताओं ने किसानों को सड़क पर बैठने के लिए मजबूर कर दिया है।
भारतीय किसान यूनियन (राजे – अराजनैतिक), भारतीय किसान संघ, संयुक्त किसान मोर्चा, करणी सेना परिवार एवं ओबीसी महासभा (म.प्र.) के संयुक्त समर्थन से चल रहे इस आंदोलन ने अब जिला प्रशासन के लिए सीधी चेतावनी का रूप ले लिया है।
तुलाई हुई, उपज उठी… पैसा गायब किसानों के साथ खुला अन्याय
किसानों का आरोप है कि—09/02/2026 से जिन किसानों की धान तुलाई स्लाट लगी थी,
उनकी उपज जांच के नाम पर तौली ही नहीं गई
जिनकी तुलाई हुई, उनकी उपज पोर्टल पर दर्ज नहीं की गई
वेयर हाउस परिसर में पड़ी किसानों की उपज
बिना सूचना प्रशासन द्वारा उठा ली गई
कोई लिखित रसीद या प्रमाण नहीं दिया गया,किसानों का कहना है कि अब न उपज उनके पास है,न भुगतान मिला है—जिससे वे आर्थिक और मानसिक संकट में हैं।
03 फरवरी से धरना, पर प्रशासन मौन
दिनांक 03/02/2026 से किसान लगातार मझौली तहसील के सामने धरने पर बैठे हैं। 17 दिन बीत जाने के बावजूद—न प्रशासन ने स्थिति की पुष्टि की न किसी किसान के खाते में भुगतान पहुंचा न जिम्मेदार अधिकारियों पर कोई कार्रवाई हुई
जिससे किसानों में भारी आक्रोश है।
कलेक्टर को सौंपा ज्ञापन
भुगतान नहीं हुआ तो अनिश्चितकालीन आंदोलन
दिनांक 13/02/2026 को
भारतीय किसान यूनियन (राजे) के प्रदेश अध्यक्ष जगदीश सिंह
राष्ट्रीय अध्यक्ष राजेश सिंह चौहान,
संभागीय अध्यक्ष संतोष राय (जबलपुर) के नेतृत्व में
किसानों ने कलेक्टर जबलपुर के नाम तहसीलदार मझौली के माध्यम से ज्ञापन सौंपा।
ज्ञापन में साफ चेतावनी दी गई है कि _ यदि शीघ्र सभी किसानों का धान भुगतान नहीं किया गया, तो किसान संगठन जबलपुर कलेक्टर कार्यालय के सामने अनिश्चितकालीन धरना-प्रदर्शन के लिए बाध्य होंगे।




