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Thursday, February 19, 2026

17वें दिन भी नहीं मिला धान का भुगतान

मझौली में किसानों का सब्र जवाब पर, कलेक्टर कार्यालय के घेराव की चेतावनी

मझौली (जिला जबलपुर)

जय जवान… जय किसान” के नारों के बीच मझौली तहसील मुख्यालय के सामने किसानों का धरना 17वें दिन भी जारी है, लेकिन प्रशासन की ओर से अब तक न भुगतान हुआ, न कोई ठोस आश्वासन दिया गया।

धान खरीदी और तुलाई भुगतान को लेकर श्री जी वेयर हाउस, धनवाही पिपरिया (मझौली) में हुई भारी अनियमितताओं ने किसानों को सड़क पर बैठने के लिए मजबूर कर दिया है।

भारतीय किसान यूनियन (राजे – अराजनैतिक), भारतीय किसान संघ, संयुक्त किसान मोर्चा, करणी सेना परिवार एवं ओबीसी महासभा (म.प्र.) के संयुक्त समर्थन से चल रहे इस आंदोलन ने अब जिला प्रशासन के लिए सीधी चेतावनी का रूप ले लिया है।

तुलाई हुई, उपज उठी… पैसा गायब किसानों के साथ खुला अन्याय

किसानों का आरोप है कि—09/02/2026 से जिन किसानों की धान तुलाई स्लाट लगी थी,

उनकी उपज जांच के नाम पर तौली ही नहीं गई

जिनकी तुलाई हुई, उनकी उपज पोर्टल पर दर्ज नहीं की गई

वेयर हाउस परिसर में पड़ी किसानों की उपज

  बिना सूचना प्रशासन द्वारा उठा ली गई

  कोई लिखित रसीद या प्रमाण नहीं दिया गया,किसानों का कहना है कि अब न उपज उनके पास है,न भुगतान मिला है—जिससे वे आर्थिक और मानसिक संकट में हैं।

 03 फरवरी से धरना, पर प्रशासन मौन

दिनांक 03/02/2026 से किसान लगातार मझौली तहसील के सामने धरने पर बैठे हैं। 17 दिन बीत जाने के बावजूद—न प्रशासन ने स्थिति की पुष्टि की न किसी किसान के खाते में भुगतान पहुंचा न जिम्मेदार अधिकारियों पर कोई कार्रवाई हुई

जिससे किसानों में भारी आक्रोश है।

कलेक्टर को सौंपा ज्ञापन

भुगतान नहीं हुआ तो अनिश्चितकालीन आंदोलन

दिनांक 13/02/2026 को

भारतीय किसान यूनियन (राजे) के प्रदेश अध्यक्ष जगदीश सिंह

राष्ट्रीय अध्यक्ष राजेश सिंह चौहान,

संभागीय अध्यक्ष संतोष राय (जबलपुर) के नेतृत्व में

किसानों ने कलेक्टर जबलपुर के नाम तहसीलदार मझौली के माध्यम से ज्ञापन सौंपा।

ज्ञापन में साफ चेतावनी दी गई है कि _ यदि शीघ्र सभी किसानों का धान भुगतान नहीं किया गया, तो किसान संगठन जबलपुर कलेक्टर कार्यालय के सामने अनिश्चितकालीन धरना-प्रदर्शन के लिए बाध्य होंगे।

प्रशासनिक लापरवाही या साजिश?

सबसे बड़ा सवाल यही है—किसानों की उपज किस आदेश पर उठाई गई? बिना रसीद और पोर्टल एंट्री के भुगतान कैसे होगा?
❓ क्या वेयर हाउस और खरीद एजेंसियों की भूमिका की जांच होगी?
किसानों का कहना है कि यदि समय रहते कार्रवाई नहीं हुई, तो यह आंदोलन केवल मझौली तक सीमित नहीं रहेगा।“किसान हितैषी होने का प्रमाण दीजिए”किसानों ने प्रशासन से दो टूक कहा है— “घोषणाओं से नहीं, भुगतान करके किसान हितैषी होने का प्रमाण दीजिए। अब यह देखना होगा कि जिला प्रशासन किसानों के धैर्य की परीक्षा और लेता है या समय रहते समाधान कर एक बड़े आंदोलन को टाल पाता है।
सुंदरलाल बर्मन
सुंदरलाल बर्मनhttps://majholidarpan.com/
Sundar Lal barman (41 years) is the editor of MajholiDarpan.com. He has approximately 10 years of experience in the publishing and newspaper business and has been a part of the organization for the same number of years. He is responsible for our long-term vision and monitoring our Company’s performance and devising the overall business plans. Under his Dynamic leadership with a clear future vision, the company has progressed to become one of Hindi e-newspaper , with Jabalpur district.

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