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Friday, February 27, 2026

3 किलो कटौती’ पर सवालों के घेरे में धान खरीदी व्यवस्था

सिहोरा में जारी वसूली पर कलेक्टर–खाद्य विभाग का दावा, ज़मीनी हकीकत अलग

सिहोरा (जबलपुर)।

धान उपार्जन में पारदर्शिता और किसानों के हितों की रक्षा के सरकारी दावों के बीच सिहोरा तहसील अंतर्गत खरीदी केंद्रों पर प्रति क्विंटल लगभग 3 किलो धान की कथित अवैध कटौती का मामला लगातार तूल पकड़ता जा रहा है। किसानों के आरोपों ने प्रशासनिक व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।

किसानों का कहना है कि तौल से पहले ही तुलाई, पल्लेदारी और कमीशन के नाम पर धान काट लिया जाता है। विरोध करने पर स्लॉट निरस्त करने, तौल में देरी या खरीदी रोकने जैसी धमकियों का सामना करना पड़ता है। यह अवैध वसूली कई केंद्रों पर अब स्थायी और संगठित व्यवस्था का रूप ले चुकी है।

मामले पर कलेक्टर जबलपुर की ओर से कहा गया है कि धान उपार्जन केंद्रों पर किसी भी प्रकार की कटौती पूर्णतः प्रतिबंधित है। शासन के निर्देशों के अनुसार तौल में गड़बड़ी या अवैध वसूली पाए जाने पर संबंधित समिति, ऑपरेटर एवं जिम्मेदार कर्मचारियों के विरुद्ध कठोर कार्रवाई की जाएगी।”

कलेक्टर ने यह भी दावा किया कि जिला प्रशासन द्वारा नियमित निरीक्षण दल गठित किए गए हैं और शिकायत मिलने पर तत्काल जांच की जा रही है।

खाद्य विभाग का दावा

खाद्य एवं नागरिक आपूर्ति विभाग के अधिकारियों का कहना है कि खरीदी केंद्रों पर इलेक्ट्रॉनिक कांटों से तौल, ऑनलाइन प्रविष्टि और पोर्टल के माध्यम से निगरानी की व्यवस्था लागू है। विभाग के अनुसार, अब तक प्राप्त शिकायतों में से अधिकांश का निराकरण किया गया है और कहीं भी नियम विरुद्ध कटौती की पुष्टि नहीं हुई है।”

दावों बनाम ज़मीनी सच्चाई

हालांकि प्रशासनिक दावों के विपरीत किसान और स्थानीय सूत्र लगातार अवैध कटौती की पुष्टि कर रहे हैं। किसानों का सवाल है कि यदि कटौती नहीं हो रही, तो फिर हर केंद्र पर लगभग समान मात्रा में 3 किलो की कटौती कैसे आम हो गई?क्या यह संयोग है या किसी मौन सहमति का परिणाम?

निरीक्षणों पर भी सवाल

कई खरीदी केंद्रों पर प्रशासनिक निरीक्षण के दौरान कटौती रोके जाने और अधिकारियों के लौटते ही फिर शुरू होने की शिकायतें सामने आई हैं। इससे निरीक्षण की प्रभावशीलता और निष्पक्षता पर भी सवाल उठ रहे हैं।

किसानों की मांग

किसानों ने सभी खरीदी केंद्रों पर अनिवार्य वीडियोग्राफी तौल की लाइव निगरानी, स्वतंत्र एजेंसी से जांच, दोषियों के विरुद्ध एफआईआर  और अवैध रूप से काटे गए धान की भरपाई की मांग की है।

अब निगाहें प्रशासन पर

सरकार और प्रशासन के आश्वासनों के बावजूद सिहोरा में धान खरीदी व्यवस्था को लेकर अविश्वास गहराता जा रहा है। अब देखना यह होगा कि कलेक्टर और खाद्य विभाग केवल बयान तक सीमित रहते हैं या फिर ज़मीनी स्तर पर ठोस कार्रवाई कर किसानों के भरोसे को बहाल कर पाते है

सुंदरलाल बर्मन
सुंदरलाल बर्मनhttps://majholidarpan.com/
Sundar Lal barman (41 years) is the editor of MajholiDarpan.com. He has approximately 10 years of experience in the publishing and newspaper business and has been a part of the organization for the same number of years. He is responsible for our long-term vision and monitoring our Company’s performance and devising the overall business plans. Under his Dynamic leadership with a clear future vision, the company has progressed to become one of Hindi e-newspaper , with Jabalpur district.

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