मध्य प्रदेश की राजनीति में उस वक्त हलचल तेज हो गई जब कैबिनेट मंत्री कैलाश विजयवर्गीय का नाम 26 जनवरी के ध्वजारोहण कार्यक्रम की आधिकारिक सूची में शामिल नहीं पाया गया। आमतौर पर प्रोटोकॉल के तहत वरिष्ठ मंत्रियों की उपस्थिति तय मानी जाती है, ऐसे में उनका नाम सूची से गायब होना राजनीतिक गलियारों में कई सवाल खड़े कर रहा है
इसी बीच कैलाश विजयवर्गीय के लगभग 10 दिन की छुट्टी पर जाने की खबर सामने आने के बाद अटकलों का बाजार और गर्म हो गया है। छुट्टी को लेकर कोई औपचारिक राजनीतिक बयान सामने नहीं आया है, लेकिन समय और परिस्थितियों का मेल इसे सिर्फ संयोग मानने से आगे ले जाता है।
प्रोटोकॉल में चूक या राजनीतिक संदेश?
26 जनवरी जैसे राष्ट्रीय पर्व पर ध्वजारोहण कार्यक्रम की सूची सिर्फ औपचारिक दस्तावेज नहीं, बल्कि सत्ता के भीतर प्राथमिकताओं और संदेशों का भी संकेत मानी जाती है। ऐसे में एक कद्दावर नेता और कैबिनेट मंत्री का नाम सूची से बाहर होना राजनीतिक विश्लेषकों को सोचने पर मजबूर कर रहा है।
क्या यह महज प्रशासनिक भूल है?
या फिर इसके पीछे संगठनात्मक या सत्ता-संतुलन से जुड़ा कोई संकेत छिपा है?
छुट्टी ने बढ़ाई सस्पेंस की परतें
सूत्रों के अनुसार कैलाश विजयवर्गीय का कुछ दिनों के लिए अवकाश पर जाना तय है। लेकिन सवाल यह है कि—
जब राजनीतिक माहौल सक्रिय हो, सरकार और संगठन दोनों स्तरों पर हलचल हो, तब इतनी लंबी छुट्टी किस ओर इशारा करती है?
राजनीतिक जानकार मानते हैं कि इस तरह के फैसले अक्सर
आंतरिक संवाद संगठनात्मक असंतुलन या फिर आगामी भूमिका को लेकर मंथन से जुड़े होते हैं।
बीजेपी के भीतर चर्चाओं का दौर
भले ही पार्टी स्तर पर कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने न आई हो, लेकिन अंदरखाने चर्चाएं तेज हैं। कैलाश विजयवर्गीय लंबे समय से पार्टी के रणनीतिक चेहरों में गिने जाते रहे हैं। ऐसे में उनका अचानक लो-प्रोफाइल में जाना या कार्यक्रम सूची से बाहर रहना, राजनीतिक रूप से हल्का घटनाक्रम नहीं माना जा रहा।
संयोग या संकेत—नज़रें आगे की चाल पर
फिलहाल सरकार या पार्टी की ओर से इस पूरे घटनाक्रम पर कोई स्पष्ट बयान नहीं आया है। लेकिन इतना तय है कि
26 जनवरी की सूची और छुट्टी—दोनों ने मिलकर एक सियासी सस्पेंस जरूर पैदा कर दिया है।
अब सबकी निगाहें इस पर टिकी हैं कि क्या आने वाले दिनों में स्थिति स्पष्ट होगी? या यह मामला भी राजनीति की फाइलों में “संयोग” कहकर बंद कर दिया जाएगा?




