जिले में वित्तीय वर्ष 2026-27 (01 अप्रैल 2026 से 31 मार्च 2027) के लिए कम्पोजिट मदिरा दुकानों की संरचना में बड़ा बदलाव किया गया है।
कटनी
पूर्व में संचालित 63 समूहों का पुनर्गठन कर अब 14 नए समूह बनाए गए हैं। इनका निष्पादन शासन निर्देशानुसार ई-टेंडर एवं ई-टेंडर कम ऑक्शन प्रक्रिया के माध्यम से किया जाएगा।
जिला प्रशासन के अनुसार यह पूरी प्रक्रिया कलेक्ट्रोरेट सभाकक्ष, कटनी में जिला कलेक्टर की अध्यक्षता में गठित जिला निष्पादन समिति द्वारा तय समय-सीमा में संपन्न की जाएगी। संबंधित नीति निर्देश और विस्तृत जानकारी जिला आबकारी अधिकारी कार्यालय, कटनी तथा मध्यप्रदेश आबकारी विभाग की आधिकारिक वेबसाइट पर उपलब्ध है।
प्रशासन का कहना है कि ई-टेंडर और ई-ऑक्शन प्रक्रिया से पारदर्शिता, प्रतिस्पर्धा और राजस्व वृद्धि सुनिश्चित होगी। समूहों की संख्या घटाकर 14 करने का उद्देश्य प्रबंधन को अधिक व्यवस्थित बनाना और संचालन में जवाबदेही बढ़ाना बताया जा रहा है।
नई संरचना से स्थानीय ठेकेदारों और कारोबारियों में हलचल है। छोटे समूहों के विलय के बाद बड़े समूहों में प्रतिस्पर्धा बढ़ने की संभावना जताई जा रही है। वहीं कुछ व्यापारियों का मानना है कि बड़े समूह बनने से निवेश की राशि और बोली प्रतिस्पर्धा दोनों बढ़ेंगी, जिससे राजस्व में इजाफा होगा।
जिले में मदिरा दुकानों का निष्पादन हमेशा से राजस्व का प्रमुख स्रोत रहा है। अब निगाहें इस बात पर टिकी हैं कि 14 समूहों की नई व्यवस्था से शासन को कितना अतिरिक्त राजस्व प्राप्त होता है और स्थानीय स्तर पर इसका क्या प्रभाव पड़ता है।
आबकारी विभाग ने इच्छुक आवेदकों से समय-सीमा के भीतर ऑनलाइन प्रक्रिया पूर्ण करने की अपील की है। प्रशासन का दावा है कि पूरी प्रक्रिया शासन की नीति के अनुरूप और पारदर्शी तरीके से संपन्न की जाएगी।




