राइट टाउन इलाके में स्थित स्व. हेमलता श्रीवास्तव की करीब 25,045 वर्गफुट बेशकीमती जमीन को लेकर बड़ा प्रशासनिक फैसला सामने आया है।
जबलपुर
एसडीएम कोर्ट ने सुमित और प्राची जैन के नाम से बनाए गए फर्जी दानपत्र को शून्य घोषित कर दिया है।
एसडीएम Pankaj Mishra की अदालत ने सुनवाई के दौरान पाया कि दानपत्र संदिग्ध परिस्थितियों में तैयार किया गया था। मामले में आरोपी दंपत्ति कोर्ट में बयान देने के लिए भी उपस्थित नहीं हुए, जिसके बाद अदालत ने उनके दावे को खारिज कर दिया।
फैसले के बाद अब इस जमीन के सरकारी अभिलेखों में Jabalpur Municipal Corporation का नाम दर्ज करने के आदेश दिए गए हैं। प्रशासन का मानना है कि यह मामला भू-माफियाओं और कुछ प्रभावशाली लोगों के करीबियों द्वारा रची गई संगठित साजिश का हिस्सा था।
प्रशासनिक कार्रवाई के बाद राजस्व रिकॉर्ड में संशोधन की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। इस फैसले को शहर में भू-माफियाओं के खिलाफ बड़ी कार्रवाई के रूप में देखा जा रहा है।




